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💢प्लेटिनम साइन अप💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुरPublished by:बुरहानपुर ब्यूरोUpdated Thu, 14 Aug 2025 04:49 PM IST
️गेम,सारबिलासपुर हाईकोर्ट ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर मर्डर केस में आरोपी दिनेश चंद्राकर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। मुकेश चंद्राकर छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले बीजापुर के पत्रकार थे।
कम्पलीट डिस्काउंट,
विस्तारFollow UsBhadohi News:सूबे के ऊर्जा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री एके शर्मा ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव घुसपैठियों से सरकार बनाना चाहते हैं। विपक्ष को जय श्रीराम और वंदे मातरम से दिक्कत है। वह शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विकसित भारत जी राम जी योजना को लेकर पत्रकारों से रूबरू हुए।
विस्तारFollow Usभागलपुर जिले के कहलगांव प्रखंड से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक झोलाछाप डॉक्टर द्वारा यूट्यूब पर वीडियो देखकर गर्भवती महिला का ऑपरेशन करने के दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि ऑपरेशन के दौरान नवजात शिशु को सुरक्षित निकाल लिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
सारचुराह उपमंडल में शनिवार रात कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए भीड़ ने चंबा पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईयू) पर हमला कर 1.42 किलोग्राम चरस के साथ पकड़े आरोपी को छुड़ा लिया।
अल्ट्रा रजिस्टर, चंबा। वन मंडल चंबा में कशमल की जड़ों के दोहन को लेकर स्थानीय लोग व ठेकेदार आमने सामने हो गए हैं। अब तक ठेकेदार लोगों को दस रुपये प्रति किलो की दर से कशमल जड़ों का दाम दे रहे थे जबकि दवा कंपनियों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। इसकी भनक लगते ही स्थानीय लोग दाम बढ़ाने की मांग पर अड़ गए हैं। अब वे दस रुपये की जबह 18 रुपये प्रति किलो दाम देने की मांग कर रहे हैं। यह दाम चुकाने के लिए ठेकेदार तैयार नहीं हाे रहे हैं। इसके चलते कशमल दोहन क्षेत्र में थम गया है। हालांकि, कुछ इलाकों में लोग इसके दोहन का विरोध भी कर रहे हैं। कुछ मात्रा में उन्होंने उखाड़ी गई कशमल को जलाया भी है। फिलहाल क्षेत्र के लोग अब दाम बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। ऐसे में यह मामला अब लोगों व ठेकेदार के बीच में फंस गया है। विभाग चाहकर भी इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। विभाग के कर्मचारी सही तरीके से कशमल दोहन पर निगरानी रख सकते हैं। ये जड़ें स्थानीय लोग किस दाम पर बेच रहे हैं और ठेकेदार आगे किस दाम पर बेच रहा है, इसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है।
ईज़ी बीजापुर में व्यापारी संघ की मांग पर कलेक्टर संबित मिश्रा ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए साफ सफाई, सुविधाएं, दवाइयों और स्टाफ की जांच की गई। कलेक्टर ने एक सप्ताह में कमियां दूर करने के निर्देश दिए, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
सारछतरपुर जिले में अप्रैल से नवंबर 2025 तक 16,912 डिलीवरी में 402 नवजात बच्चों की मृत्यु हुई। सबसे अधिक मौतें छतरपुर ब्लॉक में हुईं। सीएमएचओ ने बताया कि हाई-रिस्क श्रेणी के बच्चों की पहचान और समय पर उपचार के जरिए नवजात मृत्यु दर को कम करने के प्रयास जारी हैं।
वॉच ट्रांसफर, संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरीUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:30 PM IST







