ईज़ी लाइक
छोटा स्टूडेंट
डाउनलोड कूपन, Inc
लाइक
💢कमाई💢आगरा। ताजमहल में 15 से 17 जनवरी तक होने वाले तीन दिवसीय उर्स पर अखिल भारत हिंदू महासभा ने रोक लगाने की मांग की है। सोमवार को संगठन के पदाधिकारियों ने माल रोड स्थित एएसआई कार्यालय पर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर उर्स के दौरान ताजमहल को नि:शुल्क किए जाने का विरोध किया। जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने केवल ताजगंज के निवासियाें को शुक्रवार की नमाज की अनुमति दी है। पदाधिकारियों ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि विभाग के पास मुगलकालीन या ब्रिटिश काल का ऐसा कोई लिखित आदेश नहीं है, जो उर्स की परंपरा को वैध ठहराता हो। साथ ही, आगरा के सिविल कोर्ट (सीनियर डिवीजन) में बाद संख्या 63/2024 लंबित है, जिसकी महत्वपूर्ण सुनवाई उर्स के पहले दिन यानी 15 जनवरी को ही होनी है। इस दौरान मंडल अध्यक्ष विपिन राठौर, मनीष पंडित आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
️सर्वे विज़िट,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बड़वानीPublished by:बड़वानी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:17 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगरPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Thu, 28 Aug 2025 04:32 PM IST
फ्री वेरिफाई,
😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सारभाटापारा में प्रशासन ने अवैध धान की आवक रोकते हुए 250 क्विंटल धान जब्त किया। कोदवा और बोरसी के बिचौलियों द्वारा स्टॉक किए गए धान को दस्तावेज़ के अभाव में सील किया गया। कार्रवाई कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर जारी रहेगी।
पैसे रिवॉर्ड्स, सारबाराबंकी के मुंशीगंज में एक दुकान के बाहर बेसहारा बनकर सोए एक व्यक्ति ने दुकान का शटर काटकर 18 लाख रुपये के मोबाइल पार कर दिए। वारदात कैमरे में कैद हो गई।
शेयर डाउनलोड
कमेंट गेट, विस्तारFollow Usराजस्थान की माटी का कण-कण शौर्य और गौरवशाली इतिहास की गवाही देता है, लेकिन बानसूर विधानसभा क्षेत्र में यह गौरव आज अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। ग्राम हाजीपुर और बानसूर मुख्य कस्बे की पहाड़ियों पर स्थित ऐतिहासिक किले प्रशासनिक उपेक्षा और पुरातत्व विभाग की उदासीनता के चलते खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। जो किले कभी सुरक्षा के अभेद्य कवच और राजपूताना आन-बान-शान के प्रतीक थे, वे आज सरकारी फाइलों में गुम होकर अपना अस्तित्व खो रहे हैं।







