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💢नया कम्पलीट💢विस्तारFollow Usभाटापारा नगरवासियों एवं जनप्रतिनिधियों की आपत्तियों और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका परिषद भाटापारा ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। परिषद ने पं. रविशंकर शुक्ल कॉम्प्लेक्स की दुकान क्रमांक 19 में प्रस्तावित प्रीमियम वाइन शॉप के संचालन हेतु पूर्व में जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC)को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
️डिपॉजिट वीडियो,हटरी बाजार भाटापारा में 13 नवंबर 2025 की रात लगभग 9 बजे एक व्यक्ति द्वारा बछड़े को चाकू से घायल कर दिया गया। सूचना मिलते ही गौसेवकों की मदद से बछड़े का प्राथमिक उपचार कराया गया और उसे सुरक्षित रूप से गौशाला में शिफ्ट किया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 625/2025 धारा 325 बीएनएस एवं पशु क्रूरता अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत मामला दर्ज किया।
बस्ती। स्वामी विवेकानंद की जयंती सोमवार को धूमधाम के साथ मनाई गई। जिले में विभिन्न स्थानों पर विविध कार्यक्रम आयोजित हुए। इस दौरान वक्ताओं ने स्वामी जी के राष्ट्र चेतना पर विशेष प्रकाश डाला। उनके विचार भारतीय युवाओं के लिए आज भी प्रासंगिक बताए गए।
रिवॉर्ड्स रिवॉर्ड्स,
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी/बालोतराPublished by:बूँदी ब्यूरोUpdated Fri, 19 Dec 2025 12:43 PM IST
जिले में बीते तीन वर्षों में नाबालिग किशोरियों के अपहरण और गुमशुदगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। प्रत्येक थाने में नाबालिग किशोरियों के लापता और अपहरण होने के दर्जनों मामले हर महीने पहुंच रहे हैं। इनमें से ज्यादातर मामले प्रेम प्रसंग से जुड़े हुए रहते हैं। इसके बाद परिजन और पुलिस दोनों ही इन्हें ढूंढने में परेशान हो रहे हैं। कम उम्र में मोबाइल और सोशल मीडिया के उपयोग से इस तरह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पुलिस की जांच में भी इस बात की पुष्टि अभी तक दर्ज हुए मामलों से हुई है।
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वेरिफाई बैहर में बीच बाजार युवती की हत्या।- फोटो : अमर उजाला
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सब्सक्राइब पॉइंट्स, हजपुरा (अंबेडकरनगर)। अकबरपुर क्षेत्र के कहरा सुलेमपुर गांव और आसपास के सात गांवों के लोगों के लिए वर्षों से चली आ रही आवागमन की समस्या का समाधान होने जा रहा है। बदहाल रास्तों के कारण ग्रामीणों को एक किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी, जो खासकर बरसात के मौसम में और भी विकराल रूप ले लेती थी। जलभराव की स्थिति ऐसी हो जाती थी कि पैदल चलना भी दूभर हो जाता था, जिससे स्कूली बच्चों को सर्वाधिक परेशानी का सामना करना पड़ता था।







