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️विथड्रॉ,बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और ‘हीमैन’ के नाम से मशहूर धर्मेंद्र का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने आज अंतिम सांस ली, जिसके साथ ही हिंदी सिनेमा के एक महत्वपूर्ण और स्वर्णिम युग का अंत हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही फिल्म उद्योग, राजनीतिक जगत और करोड़ों प्रशंसकों में गहरा शोक छा गया।
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ाPublished by:प्रिया वर्माUpdated Wed, 08 Oct 2025 04:36 PM IST
सर्वे विज़िट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगाPublished by:दरभंगा ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:05 PM IST
विस्तारFollow Usबुरहानपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में एक साढ़े चार साल की नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। इस जघन्य अपराध को 47 वर्षीय रतन सिंह ने अंजाम दिया, जिसे पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में आक्रोश और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और ग्रामीणों ने आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग की है।
विस्तारFollow Usविदेश प्रशिक्षण नोड, महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (राजस्थान) में भारत और यूनाइटेड किंगडम का संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘AJEYA WARRIOR-25’ आज से शुरू हो गया। यह अभ्यास आठवां संस्करण है, जो 17 से 30 नवंबर 2025 तक चलेगा। दोनों देशों की सेनाओं के 240 जवान, बराबर संख्या में शामिल हैं। भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व सिख रेजीमेंट के सैनिक कर रहे हैं। यह जानकारी रक्षा मंत्रालय ने साझा की।
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वीआईपी विथड्रॉ, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांकाPublished by:भागलपुर ब्यूरोUpdated Sun, 21 Dec 2025 07:35 PM IST
बड़ा कूपन विस्तारFollow Usशेखपुरा में मंगलवार को एनएच-333ए पर हुए भीषण सड़क हादसे में सीएनजी ऑटो और ट्रक की आमने-सामने टक्कर में छः लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों में तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:46 AM IST
मोबाइल, चंपावत। कभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।







