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💢स्टूडेंट लॉग इन💢विस्तारFollow Usगुरुवार को जिला मुख्यालय बीजापुर के हृदय स्थल जय स्तंभ में बस्तर के दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार मुकेश चंद्राकर को पत्रकारों एवं जनप्रतिनिधियों ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत पत्रकार की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
️वीआईपी विथड्रॉ,स्वागत कार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल।- फोटो : अमर उजाला
पुराना रजिस्टर, भिवानी। अत्यधिक ठंड के बीच लघु चिड़ियाघर में हिमालयी भालुओं की खुराक में बदलाव किया गया है। सर्दी के मौसम में हिमालयी भालू जोड़े नर भालू सोनू और मादा भालू डुक्कू को ऊर्जा बढ़ाने के लिए मूंगफली और गुड़ खिलाया जा रहा है जबकि फल और दूध सामान्य रूप से जारी हैं। इसी तरह बब्बर शेर के बाड़े में ठंड से बचाव के लिए तीन हीटर लगाए गए हैं वहीं वन्य प्राणी-पक्षियों के बाड़ों पर सरकंडा व चीक का जाल लगाया गया है और परिसर में पराली बिछाई गई है।
बूंदी के तालेड़ा थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर एक तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रक ने बाइक सवार दंपति को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में पति, पत्नी और उनके एक वर्षीय बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि टक्कर के बाद ट्रक चालक वाहन सहित फरार हो गया।
सारभरतपुर में ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा नेताओं ने उच्चैन एसडीएम धारा मीणा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। मामला बढ़ने पर मंत्री सुरेश रावत और प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति संभाली।
हल्दौर में बिलाई के पास सड़क दुर्घटना में मरने वाले शिवम का फाइल फोटो।
फ्री, चरखी दादरी। मकर संक्रांति पर्व को लेकर जिले के बाजारों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। बाजारों में मिठाई की दुकानों पर घेवर तैयार करने के साथ-साथ बिक्री भी शुरू हो गई है। हलवाईयों की दुकानों पर दिनभर कारीगर घेवर बनाते हुए नजर आ रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि फिलहाल बाजार में प्रतिदिन एक क्विंटल से अधिक घेवर की बिक्री हो रही है। वहीं त्योहार नजदीक आने पर बिक्री का आंकड़ा 10 क्विंटल तक पहुंच जाएगा।
गेट कमेंट सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज चांदपुर में आयोजित पुरातन छात्र सम्मेलन में सम्मानित पुरातन छात
राजस्थान की लोक परंपराएं अपने संवेदनात्मक जुड़ाव और पारिवारिक स्नेह के लिए जानी जाती हैं। इन्हीं परंपराओं में से एक है ‘मायरा’, जिसमें भाई अपनी बहन के बच्चों की शादी में प्रेम, आदर और समर्पण के भाव से उपहार, वस्त्र और धन लेकर पहुंचते हैं। इस परंपरा की झलक बीकानेर जिले के नोखा क्षेत्र के सीनियाला गांव में देखने को मिली, जहां भाइयों ने मायरे में ऐसा योगदान दिया कि यह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
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