अर्न पॉइंट्स
कैश
साप्ताहिक लॉग इन, Inc
साप्ताहिक ईज़ी
💢ईज़ी लाइक💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारांPublished by:बारां ब्यूरोUpdated Sat, 29 Nov 2025 04:04 PM IST
️डायमंड शेयर,विस्तारFollow Usसूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 814वें सालाना उर्स के अवसर पर शनिवार रात अजमेर स्थित दरगाह शरीफ में परंपरागत सालाना संदल की रस्म पूरे अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। उर्स की शुरुआत से एक दिन पूर्व निभाई जाने वाली इस विशेष रस्म में दरगाह के खादिम समुदाय के साथ देशभर से पहुंचे हजारों जायरीन शामिल हुए।
डिपॉजिट, विस्तारFollow Usबारां जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के मंडोला के पास शुक्रवार देर रात हुए सड़क हादसे में दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना उस समय हुई जब तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से आ रही कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
PrayagrajUSMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पति
सारपड़ोसी के साथ झगड़े में समझाइश करने पहुंची बेटी और दोहिते पर उसके ही पिता ने कुल्हाड़ी से वार कर दिया जिससे मासूम की मौके पर ही मौत हो गई और बेटी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।
😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
वॉच, कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
पुराना साइन अप
विस्तारFollow Us73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।
लॉग इन सर्वे, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेरPublished by:बाड़मेर ब्यूरोUpdated Sat, 06 Dec 2025 08:12 PM IST







