ऑनलाइन
सिल्वर कमाई
मेगा टास्क, Inc
इनाम विथड्रॉ
💢विथड्रॉ डिस्काउंट💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेरPublished by:आशुतोष प्रताप सिंहUpdated Mon, 12 Jan 2026 03:02 PM IST
️पॉइंट्स रिसीव,
छतारी। क्षेत्र के अल्लिपुरा गांव में खुरपका-मुंहपका बीमारी का प्रकोप फैल रहा है। गांव में बीते दस दिनों में आठ पशुओं की मौत हो चुकी है। ऐसे में पशु पालक काफी भयभीत हैं। वहीं, पशु विभाग की ओर से गांव में टीकाकरण शुरू कर दिया गया है।
ऑनलाइन,
सारBundi Accident: बूंदी जिले में चौथ माता मंदिर पैदल जा रहे श्रद्धालुओं पर कपास से भरा ट्रक पलट गया। हादसे में तीन की मौत, आठ से अधिक घायल हुए। कोटा एमबीएस में इलाज जारी है। विधानसभा अक्ष्यक्ष ओम बिरला ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक निर्देश दिए।
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बाUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:12 PM IST
कर्णप्रयाग। सरकार जन जन के द्वार कार्यक्रम के तहत सिमली में ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम की कार्यप्रणाली के प्रति नाराजगी जताई। सेनू के प्रधान दर्शन सिंह ने शिकायत की ग्रामीणों की बिजली नहीं आने की शिकायत पर बिजली कर्मी समस्या निस्तारित करने के बजाए खंभे पर लट्ठ मारने की सलाह देते हैं।
लाइक रिवॉर्ड्स, संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 09:18 PM IST
टास्क स्टूडेंट 😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
टीएस सिंहदेव से मिले पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल- फोटो : अमर उजाला
गेट कमाई, चंबा। वन मंडल चंबा में कशमल की जड़ों के दोहन को लेकर स्थानीय लोग व ठेकेदार आमने सामने हो गए हैं। अब तक ठेकेदार लोगों को दस रुपये प्रति किलो की दर से कशमल जड़ों का दाम दे रहे थे जबकि दवा कंपनियों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। इसकी भनक लगते ही स्थानीय लोग दाम बढ़ाने की मांग पर अड़ गए हैं। अब वे दस रुपये की जबह 18 रुपये प्रति किलो दाम देने की मांग कर रहे हैं। यह दाम चुकाने के लिए ठेकेदार तैयार नहीं हाे रहे हैं। इसके चलते कशमल दोहन क्षेत्र में थम गया है। हालांकि, कुछ इलाकों में लोग इसके दोहन का विरोध भी कर रहे हैं। कुछ मात्रा में उन्होंने उखाड़ी गई कशमल को जलाया भी है। फिलहाल क्षेत्र के लोग अब दाम बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। ऐसे में यह मामला अब लोगों व ठेकेदार के बीच में फंस गया है। विभाग चाहकर भी इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। विभाग के कर्मचारी सही तरीके से कशमल दोहन पर निगरानी रख सकते हैं। ये जड़ें स्थानीय लोग किस दाम पर बेच रहे हैं और ठेकेदार आगे किस दाम पर बेच रहा है, इसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है।







