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️बोनस डिस्काउंट,अजमेर स्थित ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में खादिमों को लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। दरगाह कमेटी की अधिसूचना के अनुसार आवेदन की अंतिम तारीख 5 जनवरी 2026 तय की गई है, लेकिन अब तक नाजिम कार्यालय में एक भी आवेदन जमा नहीं हुआ है। अंतिम तारीख नजदीक होने के बावजूद प्रक्रिया ठप नजर आ रही है।
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकीUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:14 AM IST
इंस्टेंट, स्याल्दे (अल्मोड़ा)। प्राचीन सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित रामलीला का समापन हो गया है। सोमवार को रामदल और रावण सेना में भीषण युद्ध के बाद लंकेश के वध का मंचन किया गया। रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले जलाए गए। लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतराPublished by:बालोतरा ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:05 PM IST
सारछत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने आज को भगवान शिव की तपोभूमि एवं नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक पहुंचे। जहां मां नर्मदा के पावन शक्तिपीठ में दर्शन-पूजन किया। मध्य प्रदेश–छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल पर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां नर्मदा का आशीर्वाद लिया।
विस्तारFollow Usजिले के जंगलों में लगातार हो रही वन्यजीवों की संदिग्ध मौतें अब केवल पर्यावरणीय नहीं, बल्कि प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दा भी बनती जा रही हैं। 23 दिसंबर को उत्तर सामान्य वन परिक्षेत्र लामता के जंगल में एक नर तेंदुआ मृत अवस्था में मिला था। प्रारंभिक जांच में उसके शरीर पर बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं दिखे लेकिन हालत संदिग्ध होने के कारण वन विभाग ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
अल्ट्रा इंस्टेंट, मध्य प्रदेश के बालाघाट में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। एक मलेरिया पीड़ित युवती की मौत इसलिए हो गई क्योंकि एम्बुलेंस ड्राइवर और तकनीशियन ने घने जंगल में गाड़ी रोक दी। इसके बाद वे तेंदुआ देखने चले गए। इतना ही नहीं, उन्होंने मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों से पैसों की भी मांग की।
कैश
सर्वे, विस्तारFollow Usशिवसेना की स्थापना बालासाहेब ठाकरे ने की थी और समय के साथ यह पार्टी महाराष्ट्र की राजनीति की एक प्रमुख शक्ति बनी। आज यह पार्टी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में एक ऐसे दौर से गुजर रही है जिसे कई लोग निर्णायक मानते हैं। हाल के वर्षों में उद्धव ठाकरे के राजनीतिक फैसलों को अलग-अलग नजरिए से देखा गया है और इन पर व्यापक चर्चा होती रही है।







