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💢साप्ताहिक रजिस्टर💢विस्तारFollow Usभोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।
️विन ईज़ी,अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Wed, 26 Nov 2025 10:49 PM IST
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
लॉग इन, भिवानी। शहर का दायरा और आबादी बढ़ने के साथ ही जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सीवरेज ट्रिटमेंट प्लांटों पर दूषित पानी की निकासी का दबाव बढ़ गया है। इतना ही नहीं औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 के लिए 18 करोड़ रुपये से बने कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट भी पर्यावरण एनओसी नहीं मिलने के कारण करीब दो साल से खामोश पड़ा है। बिना ट्रिटमेंट के दूषित पानी भिवानी-घग्गर ड्रेन में छोड़ा जा रहा है जिससे किसान सिंचाई से भी तौबा कर रहे हैं।
MaharashtraDonald Trumpविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Pollsयूपी
सारइंदौर में दूषित पानी से 20 मौतों के मामले में कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सरकारी हत्या का आरोप लगाया है। महापौर के इस्तीफे, दोषियों पर गैर-इरादतन हत्या का केस और मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ मुआवजे की मांग की गई है। कांग्रेस ने 11 जनवरी को इंदौर में पैदल मार्च का ऐलान किया है।
इनवाइट कैश, चरखी दादरी। शहरवासियों को शुद्ध व पर्याप्त पेयजल आपूर्ति करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से शुरू की गई 110 करोड़ रुपये की परियोजना का कार्य अंतिम चरण में चल रहा हैं। कार्य पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों को साढ़े 6 एमएलडी अतिरिक्त पानी सप्लाई हो सकेगा। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल केवल घिकाड़ा जलघर का 30 प्रतिशत कार्य बकाया है जिसे मार्च के मध्य तक पूरा होने की संभावना है। योजना अनुसार तीनों जलघरों का पुनर्निर्माण कार्य पूरा हो सकेगा। इसके बाद शहर में पेयजल सप्लाई का स्थायी समाधान हो सकेगा।
साप्ताहिक मोबाइल बुलंदशहर। मुख्यमंत्री आवास योजना से जिले के 217 परिवारों को अपना आशियाना मिल गया। इन सभी चयनित परिवारों को पहली किस्त के तौर पर 40-40 हजार रुपये की राशि भी मिल गई है। अधिकारियों का दावा है कि इन लाभार्थियों को 31 मार्च तक आवास बनाकर सौंप दिए जाएंगे।
अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:अनुज कुमारUpdated Wed, 10 Dec 2025 09:07 PM IST
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