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💢क्लिक💢विस्तारFollow Usबांसवाड़ा के समीपवर्ती डूंगरपुर जिले के रामसागड़ा थाना क्षेत्र के गामड़ी अहाड़ा गांव की छाबड़ी बस्ती में शनिवार शाम उस समय अफरातफरी मच गई, जब झाड़ी में छिपे एक तेंदुए ने सड़क से गुजर रहे तीन लोगों पर अचानक हमला कर दिया। यह हमला खेतों के पास स्थित एक झाड़ी से हुआ, जहां तेंदुआ कुछ समय से छिपा बैठा था। हमले में तीनों व्यक्ति घायल हो गए, जिनमें से एक के जबड़े पर गंभीर चोट आई है। उसे तत्काल अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया।
️डिस्काउंट डाउनलोड,कस्बे के सिद्ध नगर में शनिवार रात को एक महिला ने बहू से विवाद होने पर विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। मेडिकल कॉलेज में महिला को मृत घोषित कर दिया।
अमर उजाला नेटवर्क, अम्बिकापुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Tue, 09 Dec 2025 05:28 PM IST
मेगा सर्वे, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Tue, 09 Dec 2025 04:06 PM IST
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते यात्री। -संवाद
मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:59 AM IST
सुपर इनाम, अंबेडकरनगर। लगातार बनी ठंड और गलन के बीच शनिवार को मौसम ने कुछ राहत दी। शनिवार सुबह करीब 8 बजे ही धूप निकलने से लोगों को ठंड से राहत मिलने लगी। सुबह के समय गलन और ठिठुरन के कारण सुस्त पड़े जनजीवन में धूप निकलते ही धीरे-धीरे हलचल शुरू हो गई। धूप की तपिश मिलते ही लोगों ने राहत की सांस ली और घरों से बाहर निकलना शुरू किया।
प्रीमियम फ्री बलरामपुर। एमपी-एमएलए कोर्ट में अपर सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार तृतीय ने सोमवार को बहुचर्चित फिरोज पप्पू हत्याकांड की सुनवाई की। बहस पूरी न होने के चलते मंगलवार को भी मुकदमे की सुनवाई जारी रहेगी। इस मुकदमे में पूर्व सांसद रिजवान जहीर, बेटी जेबा रिजवान व दामाद रमीज नेमत सहित पांच पर फैसला होना है। फिरोज पप्पू हत्याकांड में फैसले को लेकर लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है।
वेरिफाई कलेक्ट, विस्तारFollow Usजिले में छत्तीसगढ़ की सीमा को पार करते हुए छह दिनों से तीन हाथी जिले की सीमा में विचरण कर रहे हैं। लगातार यह क्षेत्र हाथियों का विचरण क्षेत्र बना हुआ है, जहां रह-रह कर हाथी पहुंचते रहते हैं। रात्रि के समय हाथी लगातार विचरण कर ग्रामीणों के घरों-फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। पूर्व में भी कई ग्रामीणों की हाथी के हमले से मौत हो चुकी है। इससे डरे-सहमे ग्रामीण अब हाथियों से अपनी जान बचाने के लिए पेड़ पर आशियाना बना रखा है। दिन भर तो यह अपने घर में रहते हैं, लेकिन रात होते ही पेड़ में बनाए गए आश्रय स्थल पर हाथियों की निगरानी करते हुए अपनी जीवन रक्षा भी कर रहे हैं।







