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💢शेयर फ्रेंड्स💢बालोद जिले के ग्राम सुवरबोड से एक सनसनीखेज मामला सामने आ रहा है, जहां नशे में धूत ससुराल से नाराज एक दामाद पानी की टंकी पर चढ़ गया। जिसके बाद से यहां पर ग्रामीणों ने परेशान होकर इसकी सूचना पुलिस को दी। जहां नगर सेवा और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची हुई है।
️अर्न विन,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवरPublished by:अलवर ब्यूरोUpdated Thu, 01 Jan 2026 10:14 PM IST
सारBalwant Singh Statue Unveiling Ceremony: बाड़मेर के सरहदी गांव बाखासर में 13 दिसंबर को ठाकुर बलवंत सिंह की प्रतिमा का अनावरण प्रस्तावित है। 1971 युद्ध में उनके योगदान की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री सहित कई प्रमुख नेता शामिल होंगे।
इनाम, जिले में छत्तीसगढ़ की सीमा को पार करते हुए छह दिनों से तीन हाथी जिले की सीमा में विचरण कर रहे हैं। लगातार यह क्षेत्र हाथियों का विचरण क्षेत्र बना हुआ है, जहां रह-रह कर हाथी पहुंचते रहते हैं। रात्रि के समय हाथी लगातार विचरण कर ग्रामीणों के घरों-फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। पूर्व में भी कई ग्रामीणों की हाथी के हमले से मौत हो चुकी है। इससे डरे-सहमे ग्रामीण अब हाथियों से अपनी जान बचाने के लिए पेड़ पर आशियाना बना रखा है। दिन भर तो यह अपने घर में रहते हैं, लेकिन रात होते ही पेड़ में बनाए गए आश्रय स्थल पर हाथियों की निगरानी करते हुए अपनी जीवन रक्षा भी कर रहे हैं।
सारमुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे ग्रामीण युवाओं के लिए ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर अटल ज्ञान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस जो काम पांच साल में नहीं कर पाई वर्तमान सरकार ने दो साल में कर दिखाया।
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबालाUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:41 AM IST
ऑफर, सारबाड़मेर जिले के भेडाणा ग्राम पंचायत में रात्रि चौपाल के दौरान जिला कलेक्टर टीना डाबी ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। सर्द रात में कई परिवादों का मौके पर ही निस्तारण कर अधिकारियों को समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए, जिससे ग्रामीणों को त्वरित राहत मिली।
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ईज़ी, विस्तारFollow Usआगामी पंचायत चुनावों को लेकर बानसूर उपखंड में हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में उपखंड प्रशासन ने ग्राम पंचायतों के वार्डों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य सरकार से मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उपखंड अधिकारी अनुराग हरित ने पंचायती राज अधिनियम 1994 के तहत उपखंड की 23 ग्राम पंचायतों में वार्डों के पुनर्गठन का प्रारूप आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। इस घोषणा के बाद पूरे क्षेत्र में चुनावी माहौल बन गया है, क्योंकि नए वार्ड बनने से कई राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। उपखंड अधिकारी अनुराग हरित ने बताया कि वार्डों का नया निर्धारण वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाकर किया गया है। प्रशासन ने कोशिश की है कि वार्डों का बंटवारा पूरी तरह न्यायसंगत हो और सभी वार्डों में जनसंख्या का संतुलन बना रहे।







