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💢ऐप ऐप💢सारBanswara News: 1 नवंबर 1983 को इंदिरा गांधी द्वारा माही नहरों में जलप्रवाह शुरू होने के बाद बांसवाड़ा ने विकास की नई कहानी लिखी। कालापानी कहे जाने वाला यह इलाका आज हराभरा और आत्मनिर्भर बन चुका है, जहां कृषि, ऊर्जा और रोजगार के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया।
️विन पॉइंट्स,बेमेतरा जिले में मिलावटी धान खरीदी किए जाने पर प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। जांच के बाद समिति के चार कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है। इसमें सेवा सहकारी समिति मर्यादित ग्राम गाडाडीह, सेवा सहकारी समिति मर्यादित बोरतरा में धान खरीदी के दौरान गंभीर अनियमितता की शिकायत प्राप्त हुई थी।
विस्तारFollow Usराजस्थान में बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में किए गए ताजा फेरबदल को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस निर्णय पर कड़ा एतराज जताते हुए राज्य की भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। गहलोत ने इसे न केवल प्रशासनिक दृष्टि से अव्यावहारिक बताया, बल्कि आमजन के हितों के खिलाफ लिया गया फैसला करार दिया है।
वीआईपी ऑफर, Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वरUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:39 AM IST
विस्तारFollow Usजिले से पिता-पुत्र संबंधों को झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां 17 वर्षीय बेटे ने अपने ही पिता की चाकू मारकर हत्या कर दी। यह घटना अंता थाना क्षेत्र के धाकड़खेड़ी गांव में हुई। पुलिस के अनुसार नाबालिग शुक्रवार को स्कूल से अपने नाना के घर जा रहा था, तभी रास्ते में उसकी पिता से मुलाकात हो गई। पुलिया के पास दोनों के बीच विवाद बढ़ा और गुस्से में बेटे ने पिता पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बांदा। घर में अंडे की सब्जी बनाने को लेकर पति-पत्नी में आपस में कहासुनी हो गई। इससे क्षुब्ध होकर युवक ने फंदा लगाकर जान दे दी। मां ने देखा तो परिजनों ने उसे फंदे से उतारकर जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
पॉइंट्स लाइक,
प्लेटिनम साइन अप विस्तारFollow Usचौखुटिया में रविवार की सुबह सिमलखेत क्षेत्र में एक ओर मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद हुई। मादा तेंदुए के पकड़ में आने से ग्रामीण को कुछ हद तक तेंदुए की दहशत से निजात मिली। लेकिन अब भी क्षेत्र में तीन तेंदुओं की सक्रियता बनी रहने से लोग खौफ में हैं।
क्लिक बोनस, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Fri, 09 Jan 2026 01:33 PM IST







