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️कमेंट कमाई,फफूंद। ब्लॉक भाग्यनगर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत हुए घोटाले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली। बीडीओ डॉ. आदित्य तिवारी की तहरीर पर दो बीएमएम समेत चार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
आलापुर के महेशपुर मंडप गांव में मत्स्य पालक की मौत के बाद जमा ग्रामीणों की भीड़।
छोटा बोनस, सारBaran News: बारां शहर में तेल चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। हाईवे और चौराहों पर खड़े वाहनों को निशाना बनाया जा रहा है। सीसीटीवी में वारदातें कैद होने के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं हुई, जिससे वाहन मालिकों में चिंता बढ़ी है।
बालाघाट जिले में बाघ नाखून तस्करी प्रकरण ने एक बार फिर सनसनी फैला दी है। फरार चल रहे आरोपी सतीश भलावी को वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अहम खुलासा किया, जिसके आधार पर लामता के मैरा जंगल के नाले में खुदाई की गई। वहां से हड्डियों के टुकड़े बरामद हुए, जिसने एक और बाघ की मौत की आशंका को गहरा दिया है। वन विभाग ने बरामद हड्डियों को फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेज दिया है, ताकि यह पुष्टि की जा सके कि ये हड्डियां बाघ की हैं या किसी अन्य जानवर की।
कलेक्ट्रेट स्थित लोक सभागर मेंअधिकारियों के साथ बैठक करतेडीएम शशांक त्रिपाठी।
कोतमा न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीश अमनदीप सिंह छाबड़ा के निवास पर बदमाशों ने पत्थरबाजी कर जान से मारने की धमकी, गेट लैंप एवं एंगल को तोड़फोड़ सहित न्यायालय की गरिमा के विपरीत टिप्पणी के मामले की सुनवाई करते हुए जमानत को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने खारिज कर दिया है।
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शेयर रामगढ़ क्रेटर क्षेत्र में लौटा केपी 2- फोटो : अमर उजाला
बालोतरा जिले के समदड़ी नगर पालिका क्षेत्र के मुथो के वेरा इलाके से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां रहने वाले महेंद्र माली का जीवन बीते करीब तीन दशक से बेड़ियों में बंधा हुआ है। मानसिक विक्षिप्तता से जूझ रहे महेंद्र को उनके ही परिजनों ने मजबूरी में जंजीरों से बांधकर रखा है, ताकि वह स्वयं को या दूसरों को नुकसान न पहुंचा सके।
कमाई लॉग इन, बाराबंकी। शनिवार को जिला अस्पताल में मौसम में आए बदलाव का सीधा असर देखने को मिला। अस्पताल में सर्दी, जुकाम, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या काफी अधिक रही। अस्पताल में मरीजों की इतनी भीड़ थी कि उन्हें इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। कई मरीज तो लंबी प्रतीक्षा के बाद भी बिना इलाज के ही लौट गए।







