मेगा फ्रेंड्स
इनाम
सब्सक्राइब साइन अप, Inc
लाइक
💢रजिस्टर💢सारठगों ने नई सिम लेने, परिवार से दूरी बनाने और एफडी व बैंक खाते के 73 लाख रुपये ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। पीड़ित आरटीजीएस कराने ही वाले थे कि परिजनों की सतर्कता और पुलिस की समय पर कार्रवाई से उन्हें होटल से सुरक्षित निकाला गया।
️साइन अप पैसे,T20 WCविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?अंबरनाथ नगर परिषदयूनियन बजट 2026-27भोपाल के रहमान डकैत की पूरी कहानीखुदरा महंगाई दर में उछालJagdeep DhankharShikhar Dhawan Engagement'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:भोपाल ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:02 PM IST
रिवॉर्ड्स क्लिक,
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़Published by:नवीन दलालUpdated Sun, 11 Jan 2026 09:14 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंडPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 01 Sep 2025 12:12 PM IST
कौन है अरिहा शाह?अंबरनाथ नगर परिषदयूनियन बजट 2026-27भोपाल के रहमान डकैत की पूरी कहानीखुदरा महंगाई दर में उछालJadeep DhankharShikhar Dhawan Engagement'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'महारानी कामसुंदरी देवी को भतीजे ने दी मुखाग्निडिलीवरी बॉय बने राघव चड्ढा
शेयर वॉच, घटना 27 अप्रैल 2024 की है, जब भागलपुर जिले के जोगसर थाना क्षेत्र अंतर्गत आदमपुर स्थित जहाजघाट के दिव्य धाम अपार्टमेंट से भोजपुरी अभिनेत्री अमृता पाण्डेय का शव बरामद किया गया था। उस समय परिजनों ने दावा किया था कि अमृता ने फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली। मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तब गले पर दबाव के गहरे निशान मिले थे, और परिजन आत्महत्या की कहानी बुन रहे थे। उस समय परिजनों ने दावा किया था कि अमृता ने फिल्मों में काम नहीं मिलने के कारण डिप्रेशन में थी और इसी वजह से उसने फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली। इधर पुलिस जांच पड़ताल कर ही रही थी। इसी दौरान पुलिस को मृतका के मोबाइल का व्हाट्सअप स्टेटस (सुबह करीब 10.16 मिनट पर लगा हुआ) हाथ लगा, जिसे देखकर पुलिस ने अपनी जांच की दिशा ही बदल दी। व्हाट्सअप स्टेटस पर उसने लिखा था – “दो नावों पर सवार थी मेरी जिंदगी, हमने अपनी नौका डुबोकर उसकी राह आसान कर दी।” पुलिस ने फिर से अनुसंधान शुरू किया, जिसमें उसके पति, बहन व अन्य करीबी परिजन पुलिस की जांच के दायरे में आए थे। लेकिन आश्चर्य अब तक मामले का अनुसंधान पूरा नहीं हो पाया। हत्या किसने और क्यों की यह रहस्य अब तक रहस्य ही रह गया।
प्रीमियम गेट T20 WCसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालWest Bengalविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरयूपीBihar Newsप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालदिल्ली में फिर टूटा ठंड का रिकॉर्ड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शेखपुराPublished by:शबाहत हुसैनUpdated Fri, 05 Dec 2025 10:35 AM IST
कलेक्ट वेरिफाई, राजस्थान के सीकर जिले के नेहरा की ढाणी गांव के रहने वाले स्व. सुरेंद्र का शव मृत्यु के 56 दिन बाद शुक्रवार सुबह दुबई से जयपुर पहुंचेगा। 33 वर्षीय सुरेंद्र 27 जुलाई को रोजगार के लिए जयपुर से दुबई गए थे। लेकिन 2 अगस्त को उनकी अबूधाबी (यूएई) में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। मृत्यु के बाद भी उनका शव भारत नहीं भेजा गया और दुबई में ही रोक लिया गया। छोटे भाई सुरजीत सिंह के दुबई जाकर डीएनए सैंपल देने के बावजूद यूएई पुलिस और भारतीय दूतावास की ओर से 19 सितंबर को कहा गया कि शव को भारत भेजने में अभी एक महीना या उससे भी अधिक समय लग सकता है।







