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💢वेरिफाई रजिस्टर💢विस्तारFollow Usराजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।
️वीआईपी ऐप,बीकानेर: थानेदार के खिलाफ उसके ही थाने में एफआईआर, झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप।
सारपेट्रोल पंप कर्मियों और एसडीएम के बीच हुई हाथापाई का वीडियो वायरल होने के बाद सरकार ने एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुरPublished by:आशुतोष प्रताप सिंहUpdated Sat, 06 Dec 2025 08:31 PM IST
बलरामपुर तहसील कार्यालय में दस्तावेजों के एवज में अवैध धन मांगने का एक गंभीर मामला सामने आया है। टांगरमहरी निवासी दीपक यादव ने तहसील कार्यालय के समक्ष तख्ती लेकर धरना प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि तहसील कार्यालय में पदस्थ एक बाबू और चौकीदार ने उन्हें अधिकार अभिलेख जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए ₹500 की रिश्वत मांगी, जबकि इसके लिए निर्धारित सरकारी शुल्क मात्र ₹10 था। दीपक यादव के पास ₹200 ही उपलब्ध थे और वह शेष ₹300 के लिए राजस्व अधिकारियों से “भीख” मांगने की बात कहते हुए धरने पर बैठे थे।
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डिस्काउंट लाइक विस्तारFollow Usदीपावली के मौके पर भरतपुर के बयाना क्षेत्र में पुलिस पर हमला करने और सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पुलिस ने बुधवार को 27 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, घटना सोमवार को बयाना थाना क्षेत्र के अंतर्गत भरतपुर-करौली स्टेट हाईवे पर हुई, जहां करीब 200 लोगों ने रास्ता जाम कर दिया और पुलिस पर पथराव किया।
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानीUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:30 AM IST
ऑनलाइन विथड्रॉ, Dantewada News: केंद्र की मोदी सरकार की ओर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने और उसमें संशोधन के खिलाफ शनिवार को स्थानीय राजीव भवन दंतेवाड़ा में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान पीसीसी के संयुक्त महामंत्री उमाशंकर शुक्ला ने कहा मनरेगा कानून में परिवर्तन मोदी सरकार का श्रमिक विरोधी कदम है। यह महात्मा गांधी के आदर्शों पर कुठाराघात है, मजदूरों के अधिकारों को सीमित करने वाला निर्णय है।







