विन विज़िट
स्टूडेंट विथड्रॉ
स्टूडेंट, Inc
विन रिसीव
💢अर्न कलेक्ट💢
️बड़ा विथड्रॉ,
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Fri, 21 Nov 2025 09:10 PM IST
वीडियो रिवॉर्ड्स, अमर उजाला ब्यूरोUpdated Fri, 09 Jan 2026 11:59 PM IST
बीजापुर में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के धान उपार्जन केंद्रों में किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के समाधान के लिए जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर ने जिले के नैमेड धान खरीदी केंद्र में धरना प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर किसानों को तत्काल राहत प्रदान करने की मांग की है।
धार्मिक एकता और भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए बैतूल जिले में मुस्लिम समाज के लोगों ने वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। गुरुवार को समाज के लोगों ने पहलवान बाबा की दरगाह पहुंचकर चादर और फूल अर्पित किए तथा महाराज के दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की दुआ मांगी।
कूपन ऐप, विस्तारFollow UsDantewada News: केंद्र की मोदी सरकार की ओर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने और उसमें संशोधन के खिलाफ शनिवार को स्थानीय राजीव भवन दंतेवाड़ा में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान पीसीसी के संयुक्त महामंत्री उमाशंकर शुक्ला ने कहा मनरेगा कानून में परिवर्तन मोदी सरकार का श्रमिक विरोधी कदम है। यह महात्मा गांधी के आदर्शों पर कुठाराघात है, मजदूरों के अधिकारों को सीमित करने वाला निर्णय है।
साइन अप डिपॉजिट भिवानी। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय ने बी फार्मेसी, बीएड और एमएड कोर्सों की मुख्य और रि-अपीयर परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विद्यार्थी बिना लेट फीस के 17 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं। लेट फीस के विकल्प के तहत छात्र 500 रुपये अतिरिक्त शुल्क के साथ 20 जनवरी और 1000 रुपये लेट फीस के साथ 22 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं।
Civic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest BengalयूपीBihar News
डाउनलोड रिसीव, विस्तारFollow Usछत्तीसगढ़ में 14 नवंबर 2025 से शुरू हुआ धान खरीदी अभियान अब महाअभियान का रूप ले चुका है। राज्य में अब तक 16.95 लाख पंजीकृत किसानों से 93.12 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। समर्थन मूल्य के तहत किसानों को अब तक 20 हजार 753 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में दी जा चुकी है। समय पर भुगतान से न केवल किसानों का भरोसा बढ़ा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।







