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अतिरिक्त ऑफर, अमरोहा। सुरक्षा के दावों में कोई अफसर पीछे नहीं है। एक से बढ़कर एक निर्देश जारी करके हर आम और खास को यह अहसास कराया जाता है कि चप्पे-चप्पे पर पुलिस आपकी निगरानी और हिफाजत के लिए मुस्तैद है। पुलिस की मुस्तैदी का सच रविवार को सरेराह न्यायिककर्मी राशिद हुसैन की कार से खींचकर हत्या करने से ही सामने आ गया। मृतक के भतीजे सलमान ने बताया था कि हमलावरों ने आधा घंटे तक खुली गुंडई की। वारदात के प्रत्यक्षदर्शी रहे आसपास के लोगों ने घटना के बाद ही सवाल उठाया था कि उस दौरान पुलिस की कोई गाड़ी या बाइक भी आसपास से नहीं गुजरी। मदद को आए लोगों की सूचना पर 10 मिनट बाद पुलिस पहुंची थी।
विस्तारFollow Usअरावली पर्वतमाला को नुकसान पहुंचाने वाले सरकारी निर्णयों के विरोध में रविवार को एनएसयूआई के नेतृत्व में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अंकित घारू के नेतृत्व में युवाओं ने मशाल जुलूस निकालकर सरकार को चेताया कि यदि अरावली को बचाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।
अलवर के बानसूर क्षेत्र के पापड़दा की ढाणी में उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब बोरवेल मशीन पर मजदूरी करने वाले 40 वर्षीय लेखराम यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई। 20 दिसंबर को हुए एक दर्दनाक हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पांच दिनों तक चले इलाज के बाद बुधवार देर शाम उन्होंने अंतिम सांस ली।
हल्द्वानी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:31 PM IST
कूपन वेरिफाई, मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:57 AM IST
बड़ा क्लिक महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में रोजगार देने की मांग को लेकर कांग्रेस की ओर से नौ दिन से धरना दिया जा रहा है। नौवें दिन मंगलवार को महिलाओं ने रोजगार देने की मांग कर जबरन कलेक्ट्री में घुसने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस से झूमा-झटकी भी हुई।
नया सब्सक्राइब, जिले के मुंगावली, बहादुरपुर और आसपास के क्षेत्रों के 36 बंधक मजदूरों को महाराष्ट्र से मुक्त करा लिया गया है। स्थानीय पुलिस महाराष्ट्र पहुंचकर स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इन सभी मजदूरों को वापस लेकर आई। ये मजदूर महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के बासी थाना क्षेत्र के गिरोली गांव में बंधक बनाए गए थे। वहां उन्हें न तो मजदूरी का भुगतान किया जा रहा था और न ही उन्हें अपने घर लौटने दिया जा रहा था। उन्हें अपने परिजनों से भी बात करने की अनुमति नहीं थी।







