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️प्रीमियम टास्क,सारBaran Accident: किशनगंज के पास हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रॉले ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे किसान दीपक मेहता की मौके पर मौत हो गई। तीन बहनों का इकलौते भाई और घर के कमाने वाले दीपक की मौत से गांव में शोक का माहौल है।
बस्ती। लखनऊ के केजीएमयू में धर्मांतरण मामले में बस्ती मेडिकल कॉलेज से तार जुड़े होने की बात सामने आने पर यहां चौकसी बढ़ा दी गई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। हालांकि, बस्ती मेडिकल कॉलेज में मुस्लिम छात्रों की संख्या कम है। फिर भी चिकित्सा महाविद्यालय में दिनभर हलचल बढ़ी रही। कॉलेज कैंपस में पुलिस और पूर्व सैनिकों ने निगरानी बढ़ा दी है।
बोनस,
बालोद जिले के उद्यान रोपणी में आयोजित बैठक के दौरान वन समिति के सभापति ने अधिकारियों पर पेड़ों की कटाई को शह देने का आरोप लगाया। इस पर रेंजर ने कहा कि यदि उनकी रेंज में इस तरह की कोई गतिविधि होती है तो जानकारी देने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजस्व मामलों में एसडीएम और तहसीलदार की जिम्मेदारी होती है।
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगरUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:29 PM IST
विस्तारFollow Usअशोकनगर के नईसराय थाना क्षेत्र के एक गांव में एक मूक बधिर नाबालिग बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पड़ोसी गांव के तीन युवक बच्ची को घर से कुछ दूर खेत में लेकर गए। इसके बाद ये वारदात की।घटना के दौरान किसी व्यक्ति की नजर उन पर पड़ी, जिसने आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया। हालांकि, आरोपी मौके से भागने में सफल रहे। इसके बाद बच्ची अपने घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची और पीड़िता को देर रात थाने ले गई।
विथड्रॉ, अखिल भारतीय नृत्य, नाट्य, गायन समारोह के लिए बांटी गईं जिम्मेदारियां
कूपन डिपॉजिट सारसड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को एक चौंकाने वाली स्थिति का सामना करना पड़ा। एक मृतक का शव खाट पर रखकर लगभग ढाई किलोमीटर की दूरी तक पैदल ले जाना पड़ा।
जिले में छत्तीसगढ़ की सीमा को पार करते हुए छह दिनों से तीन हाथी जिले की सीमा में विचरण कर रहे हैं। लगातार यह क्षेत्र हाथियों का विचरण क्षेत्र बना हुआ है, जहां रह-रह कर हाथी पहुंचते रहते हैं। रात्रि के समय हाथी लगातार विचरण कर ग्रामीणों के घरों-फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। पूर्व में भी कई ग्रामीणों की हाथी के हमले से मौत हो चुकी है। इससे डरे-सहमे ग्रामीण अब हाथियों से अपनी जान बचाने के लिए पेड़ पर आशियाना बना रखा है। दिन भर तो यह अपने घर में रहते हैं, लेकिन रात होते ही पेड़ में बनाए गए आश्रय स्थल पर हाथियों की निगरानी करते हुए अपनी जीवन रक्षा भी कर रहे हैं।
सिल्वर ईज़ी, संवाद न्यूज एजेंसी, बांदाUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:06 AM IST







