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💢मासिक वीडियो💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:संदीप तिवारीUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:29 PM IST
️सब्सक्राइब फ्रेंड्स,चंडीगढ़। डॉ. रुपेश के सिंह को वर्ष 2025–26 के लिए पब्लिक रिलेशंस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीआरसीआई) चंडीगढ़ चैप्टर का सर्वसम्मति से चेयरमैन चुना गया है। इसके साथ ही वे लगातार तीसरे वर्ष इस पद पर बने रहेंगे। यह निर्णय यूटी गेस्ट हाउस में आयोजित पीआरसीआई चंडीगढ़ चैप्टर की वार्षिक आम बैठक में लिया गया।
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावतUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:48 PM IST
विथड्रॉ सर्वे, चंडीगढ़। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह वार्षिक पुरस्कार आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों के अमूल्य योगदान व निस्वार्थ सेवा को सम्मानित करने के उद्देश्य से दिया जाता है। पुरस्कार की घोषणा हर साल 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर की जाती है।
चंपावत के गोरलचौड़ मैदान में चल रही मुख्यमंत्री चैंपियन ट्रॉफी में चक्का फेंक में जोर लगाकर चक्
विस्तारFollow Usमध्य प्रदेश के सागर जिले से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां सड़क दुर्घटना में बम डिस्पोजल स्क्वाड (BDS) के चार जवानों की मौत हो गई, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल है। घायल जवान का उपचार सागर के एक निजी अस्पताल में जारी है।
प्लेटिनम कम्पलीट, भरतपुर जिले के सबसे बड़े जनाना अस्पताल में शुक्रवार रात लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया, जहां प्रसव के दौरान एक महिला और उसके नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाए।
पॉइंट्स शेयर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Wed, 10 Dec 2025 09:57 PM IST
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
डायमंड कूपन, विस्तारFollow Usदरभंगा महाराज की तीसरी और अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी का अंतिम संस्कार श्यामा माई मंदिर परिसर में किया गया। उन्हें महाराज कामेश्वर सिंह की चिता के बगल में विधि-विधान से अंतिम विदाई दी गई। मुखाग्नि महाराज के पोते रत्नेश्वर सिंह ने दी।







