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️फ्री,1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर/श्रीगंगानगर/बांसवाड़ाPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Mon, 10 Nov 2025 10:30 PM IST
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फोटो-31- स्मैश मारने के प्रयास में खिलाड़ी। संवाद- फोटो : शिकोहाबाद पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किये गए कांग्रेस कार्यकर्ता। स्रोत संवाद
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प्लेटिनम सर्वे, सारबालाघाट में ‘नो हेलमेट-नो राइड’ अभियान के दौरान एसपी आदित्य मिश्रा और पूर्व विधायक उमाशंकर मुंजारे आमने-सामने आ गए। बिना हेलमेट बाइक चलाने पर एसपी ने 2300 रुपये का चालान काटा, जिसके बाद दोनों के बीच बहस हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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आगरा। तीन उभरते खिलाड़ियों आरव सिंह, काव्यांशी गुप्ता और प्रखर सिंह ने ब्लैक बेल्ट परीक्षा उत्तीर्ण की। सोमवार को कोच संतोष कुमार ने इन्हें बेल्ट पहनाकर और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि ब्लैक बेल्ट कड़े अनुशासन और अभ्यास के बाद मिलता है।
शेयर लॉग इन, गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।







