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️डायमंड इनवाइट,विस्तारFollow Usगुजरात में शराब बिक्री पर प्रतिबंध होने के बावजूद वहां चोरी-छिपे अवैध शराब की सप्लाई लगातार जारी है। तस्कर इस काम के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र में सामने आया, जहां पुलिस ने सेनेटरी नैपकिन के कार्टनों की आड़ में तस्करी कर ले जाई जा रही 50 कार्टन अवैध शराब जब्त की। इस कार्रवाई में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। जब्त शराब की कीमत करीब 5 लाख 25 हजार रुपए आंकी गई है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Wed, 31 Dec 2025 08:02 AM IST
पुराना पैसे, दिबियापुर/अजीतमल। स्टूडेंट पुलिस एक्सपेरीमेंट लर्निंग कार्यक्रम के तहत शनिवार को अजीतमल और दिबियापुर में विद्यार्थियों को पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ संवाद किया।
UP Newsयूपी में बुलडोजर वेलकमGonda Newsधर्मांतरण-यौन शोषण केसUP PoliticsUP Weatherमित्रता सोचकर करें क्योंकि एक गलत कदम पूरे जीवन को कर सकता है प्रभावितLucknow Newsईमानदारी से काम करें तो सुनती है दुनियाभविष्य में युवा कंधों पर होगा देश का भविष्य
Balod Road Accident:बालोद जिले के डौंडी थाना क्षेत्र के घोठिया गांव के पेट्रोल पंप के पास दो बाइकों की जबरदस्त टक्कर में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
गेम गेट, रूपझर थाना क्षेत्र के कटेझिरिया जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। तलाशी अभियान के दौरान खून से सने जूते और नक्सलियों का पिट्ठू बैग मिला है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि मुठभेड़ में कोई नक्सली मारा गया या गंभीर रूप से घायल हुआ है। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि 2-3 नवंबर की रात माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर हॉकफोर्स, सीआरपीएफ, कोबरा और थाना पुलिस की संयुक्त टीम सर्चिंग के लिए जंगल में गई थी। इसी दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में सुरक्षाबलों ने भी आत्मरक्षा में गोलीबारी की।
फ्री डाउनलोड विस्तारFollow Usअल्मोड़ा में उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी की प्रसिद्ध राजमा पर जलवायु परिवर्तन और मौसम का असर पड़ा है। एक दशक पहले तक जहां 1450-1800 मीटर की ऊंचाई पर राजमा की खेती होती थी, वहीं अब वर्तमान में 1800-2400 मीटर की ऊंचाई पर इसकी पैदावार हो रही हैं। एसएसजे परिसर अल्मोड़ा, कुमाऊं विवि और गढ़वाल केंद्रीय विवि के संयुक्त शोध में इस बात का खुलासा हुआ है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुरPublished by:अनूपपुर ब्यूरोUpdated Fri, 28 Nov 2025 10:26 PM IST
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