अल्ट्रा कलेक्ट
सब्सक्राइब
लॉग इन कलेक्ट, Inc
टास्क पैसे
💢डाउनलोड💢
️ऐप,
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवरPublished by:अलवर ब्यूरोUpdated Mon, 29 Dec 2025 12:10 PM IST
कूपन, 😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
अमेठी सिटी। गौरीगंज के पलिया वार्ड में पुलिस लाइन का निर्माण अंतिम दौर में है, जिसके बाद तकनीकी टीम भवनों और संपूर्ण ढांचे की जांच करेगी। अनुमान है कि मार्च के अंतिम सप्ताह में इसका लोकार्पण कराया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस की परेड भी नए परेड ग्राउंड में आयोजित होने की संभावना है।
विस्तारFollow Usअलीगढ़ के थाना बन्नादेवी क्षेत्र अंतर्गत खैर बाईपास रोड पर सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब यहां स्थित एक ई-रिक्शा फैक्टरी के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया।
विस्तारFollow Usबाड़मेर में संविधान निर्माता और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 70वीं पुण्यतिथि जिलेभर में श्रद्धा, सम्मान और अनुशासन के साथ मनाई गई। जिला मुख्यालय पर डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह समिति के तत्वावधान में चोहटन रोड स्थित अंबेडकर सर्किल पर कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां विधायक आदूराम मेघवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य, जटिया रैगर समाज के अध्यक्ष सुरेश जाटोल सहित अनेक समाजसेवी और श्रद्धालुओं ने बाबा साहेब की आदमकद प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
ईज़ी, अमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
ईज़ी
सारबालाघाट जिले के रूपझर थाना क्षेत्र में सीआरपीएफ की 123 बटालियन ने नक्सलियों का विस्फोटक डंप बरामद किया है। समर्पित नक्सलियों की सूचना पर जंगल में सघन तलाशी अभियान चला। हाई एक्सप्लोसिव समेत खतरनाक सामग्री जब्त की गई। यह नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मानी जा रही है।
अर्न फ्रेंड्स, भटगांव में किसानों और आदिवासियों का धरना- फोटो : सोशल मीडिया







