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💢सुपर कमेंट💢अल्मोड़ा। अंकिता भंडारी हत्याकांड की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में सीबीआई जांच की मांग को लेकर रविवार को आहूत उत्तराखंड बंद का अल्मोड़ा जिले में मिला जुला असर देखने को मिला। अल्मोड़ा में साप्ताहिक बंदी के चलते जहां अधिकांश दुकाने बंद रही वहीं रानीखेत में अधिकांश प्रतिष्ठान रहे खुले। भिकियासैंण बाजार बंद रहा।
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विस्तारFollow Usअशोकनगर जिले से दो हृदय विदारक घटनाएं सामने आई हैं, जहां तेज बारिश के बाद उफान पर आए नालों ने दो लोगों की जान ले ली। पहली घटना पिपरई थाना क्षेत्र के मूड़रा गांव की है, जहां मजदूरी के लिए घर से निकला 26 वर्षीय युवक विनोद आदिवासी नाले के तेज बहाव में बह गया। वहीं, दूसरी घटना मुंगावली थाना क्षेत्र के सोनाखेड़ी गांव की है, जहां खेलते-खेलते नाले में गिरा ढाई साल का मासूम कालू आदिवासी पानी में बह गया। दोनों घटनाओं ने क्षेत्र में शोक की लहर फैला दी है।
वीआईपी स्टूडेंट, जिन मरीजों के दिल में माइट्रल वॉल्व लीकेज होता है, उनके लिए ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (TEER) प्रोसीजर एक बेहतर विकल्प हो सकता है। TEER कम से कम चीरा लगाकर (इनवेसिव) उपचार का तरीका है। यह उन मरीजों के लिए बेहद उपयोगी हो सकता है, जो माइट्रल वॉल्व लीकेज (Mitral Valve Leakage) के गंभीर मामलों में सर्जरी के लिए उच्च जोखिम वाले माने जाते हैं। यह मौजूदा समय में माइट्रल वॉल्व लीकेज के लिए इलाज की सबसे उन्नत तकनीक मानी जाती है।
अयोध्या राम मंदिर जा सकते हैं राहुल गांधी।- फोटो : अमर उजाला।
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्याUpdated Sun, 11 Jan 2026 08:34 PM IST
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प्लेटिनम सर्वे Ajmer:एडीए ने श्रीनगर रोड पर लीज समाप्त हो चुकी 40 से अधिक गुमटियों को जेसीबी से हटवा दिया। एक माह पूर्व नोटिस देने के बावजूद गुमटियां खाली नहीं की गई थीं। जिसके बाद एडीए प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अल्ट्रा डिस्काउंट, आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।







