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️कमेंट,विस्तारFollow Usभीलवाड़ा का बुधवार (1 अक्टूबर) को वातावरण धार्मिक जोश और उत्साह से सराबोर रहा। अवसर था दुर्गा शक्ति अखाड़े के 9वें स्थापना दिवस का, जो हरी सेवा उदासीन आश्रम परिसर में बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया। इस मौके पर तेलंगाना से विधायक टी राजा सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
गेट, बुलंदशहर। ऊर्जा निगम संबंधी समस्याओं के समाधान करवाने के लिए उपभोक्ताओं को अब भटकना नहीं पड़ेगा। ऊर्जा निगम की ओर से नगरीय डिविजन के तीन बिजलीघरों में हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई। शनिवार को हाईडिल काॅलोनी स्थित बिजली घर पर हेल्प डेस्क का सदर विधायक व मुख्य अभियंता ने विधिवत शुभारंभ किया। अब हेल्प डेस्क सिंगल विंडो सिस्टम की तरह काम करेंगी।
।छत्तीसगढ़ भवन में उस समय राजनीति का एक दुर्लभ और सुखद दृश्य देखने को मिला, जब पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव से मिलने प्रदेश के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल पहुंचे इस मुलाकात के दौरान मंत्री अग्रवाल ने पूर्व उपमुख्यमंत्री के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया। वहीं, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने भी पैर छूकर राजनीतिक शिष्टाचार और संस्कारों का निर्वहन किया। यह दृश्य विशेष रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2023 के विधानसभा चुनावों में यही दोनों नेता एक-दूसरे के आमने-सामने थे। राजेश अग्रवाल ने टीएस सिंह देव को हराकर पहली बार विधायक और मंत्री बनने का गौरव प्राप्त किया था। ऐसे में, चुनाव की तल्खी के बीच इस तरह की मुलाकात और सम्मानजनक व्यवहार ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा बटोरी है।
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
हादसे के बाद मदद को पहुंचे राहगीर।- फोटो : अमर उजाला
वॉच, अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच एजेंसी सीधे कार्रवाई नहीं कर सकेगी। पहले उच्च अधिकारी से स्वीकृति जरूरी होगी। मगर रंगे हाथ पैसे लेने वाले वाले मामलों में पहले की तरह कार्रवाई जारी रहेगी। हरियाणा सरकार ने अधिकारियों व कर्मचारियों से संबंधित भ्रष्टाचार के मामलों में जांच के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसके तहत भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ जांच या पूछताछ से पहले सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि यह फैसला उन मामलों में लागू नहीं होगा, जहां अधिकारी व कर्मचारी रंगे हाथ पकड़े जाएंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरीUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:00 AM IST
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