पॉइंट्स गेट
इनाम
विज़िट पॉइंट्स, Inc
फ्री मोबाइल
💢वेरिफाई ऐप💢राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की मुख्य परीक्षा-2026 के सफल, पारदर्शी और सुचिता पूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार को बोर्ड ऑडिटोरियम में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बोर्ड प्रशासक एवं संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने की। इसमें संयुक्त निदेशक, जिला शिक्षा अधिकारी, संदर्भ अधिकारी और विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।
️विन इंस्टेंट,वाराणसी ब्यूरोUpdated Thu, 08 Jan 2026 01:12 AM IST
Budget 2026खुदरा महंगाई दर में उछालShikhar Dhawan Engagement'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'डिलीवरी बॉय बने राघव चड्ढाIND vs NZसीएम रेखा का बयानअंबरनाथ नगर परिषदIndia-US Tiesपीएम मोदी कार डिप्लोमेसी
इंस्टेंट, विस्तारFollow Usजिले में कई स्थानों पर नहर तटबंधों पर बिजली निगम अपना खंभा लगा दिया है और बिजली की आपूर्ति कर रहा है। यह खंभे नहर की सिल्ट सफाई और बंधों की मरम्मत के दौरान रोड़ा बनते हैं। सिंचाई विभाग इनको हटाने के लिए विद्युत निगम को नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है।
विस्तारFollow Usजिन मरीजों के दिल में माइट्रल वॉल्व लीकेज होता है, उनके लिए ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (TEER) प्रोसीजर एक बेहतर विकल्प हो सकता है। TEER कम से कम चीरा लगाकर (इनवेसिव) उपचार का तरीका है। यह उन मरीजों के लिए बेहद उपयोगी हो सकता है, जो माइट्रल वॉल्व लीकेज (Mitral Valve Leakage) के गंभीर मामलों में सर्जरी के लिए उच्च जोखिम वाले माने जाते हैं। यह मौजूदा समय में माइट्रल वॉल्व लीकेज के लिए इलाज की सबसे उन्नत तकनीक मानी जाती है।
विस्तारFollow Usयूपी के अंबेडकरनगर में रविवार को जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। इस दौरान वहां मौजूद एक अधेड़ की मौत हो गई। हंगामे के बीच वह गिरे और फिर कभी न खड़े हो सके। घटना से गांव में मातम पसर गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी ली।
सुपर कमेंट,
वीडियो विस्तारFollow Usजिम्मेदारी तो जट्टारी नगर पंचायत की है कि सभी रास्तों और गलियों में रात के समय प्रकाश रहे लेकिन नगर पंचायत ऐसा नहीं कर सकी। लिहाजा लोगों ने स्वयं से अपने-अपने घरों के बाहर बल्ब टांग रखे हैं ताकि रात के समय गली में रोशनी रहे और अंधेरे में गलियों में हादसे, घटनाओं से वह सुरक्षित रह सकें।
सारपीसीसी सचिव ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा में किए गए हालिया बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पर्यावरण संतुलन के लिए गंभीर खतरा बताया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 100 मीटर से कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खनन की अनुमति दी है। ऐसे में 100 मीटर से नीचे के भूभाग को अब अरावली पहाड़ी नहीं माना जाएगा।
कलेक्ट रिवॉर्ड्स,







