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💢गेम कैश💢जगदीशपुर। प्रतापगढ़ के वैरमपुर सुवंशा फतनपुर गांव निवासी सीताराम विश्वकर्मा (36) की कार रविवार को लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर भाले सुल्तान शहीद स्मारक के टांडा गांव के पास अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। हादसे में लैब सहायक सीताराम विश्वकर्मा की मौत हो गई। कार सवार सिद्धार्थनगर के गोलहोरा के भैसठ गांव निवासी फार्मासिस्ट पशुपति प्रताप ओझा घायल हो गए। वह अस्पताल में भर्ती हैं।
️कमाई कैश,विस्तारFollow Usडूंगरपुर जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की सोमवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित बैठक उस समय हंगामेदार हो गई, जब बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत और उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। बहस इतनी बढ़ी कि दोनों सांसदों के बीच तू-तड़ाक तक हो गई, जिससे बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
विस्तारFollow Usनक्सल प्रभावित बालाघाट जिले में पहली बार किसी महिला नक्सली ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। नक्सली गतिविधियों से चार दशक से अधिक समय से जूझ रहे इस जिले के लिए यह एक अहम घटना मानी जा रही है। 1992 के बाद यह पहली बार है कि किसी अन्य राज्य के नक्सली ने मध्य प्रदेश सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।
डायमंड इनाम, विस्तारFollow Usआगरा के थाना एकता के नौफरी में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। महिला के पति और ससुरालीजन शव छोड़कर भाग गए। पड़ोसियों ने फोन कर मायके वालों को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
नैथला स्थित गौशाला में बकाया भुगतान को लेकर केयरटेकरों और बीडीओ व ग्राम प्रधान के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। केयरटेकरों ने बिना भुगतान हटाए जाने का आरोप लगाया।
मेगा विज़िट, सारदस दिनों के भीतर दो तेंदुओं की संदिग्ध मौतों ने वन विभाग की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच पूरी तरह पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जबकि रिपोर्ट में देरी से संदेह और गहराता जा रहा है।
अल्ट्रा बोनस वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 05 Jan 2026 10:56 PM IST
विस्तारFollow Usशिवसेना की स्थापना बालासाहेब ठाकरे ने की थी और समय के साथ यह पार्टी महाराष्ट्र की राजनीति की एक प्रमुख शक्ति बनी। आज यह पार्टी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में एक ऐसे दौर से गुजर रही है जिसे कई लोग निर्णायक मानते हैं। हाल के वर्षों में उद्धव ठाकरे के राजनीतिक फैसलों को अलग-अलग नजरिए से देखा गया है और इन पर व्यापक चर्चा होती रही है।
रिसीव, माउंट आबू में जीरो डिग्री तापमान- फोटो : Amar Ujala







