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💢वेरिफाई रिसीव💢सारभोपाल के परिवार न्यायालय में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां सब-इंस्पेक्टर बनी महिला ने पति की पारंपरिक वेशभूषा से असहजता जताते हुए तलाक की अर्जी दी है। साथ ही जो कहा वो भारतीय संस्कृति के लिए काफी चिंतनीय विषय है! चलिए खबर में पूरा मामला विस्तार से जानिए।
️मोबाइल विथड्रॉ,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदीPublished by:बूँदी ब्यूरोUpdated Sat, 04 Oct 2025 07:41 PM IST
सारBihar Assembly : बिहार विधानसभा चुनाव में राज्य के मतदाताओं ने जाति तोड़ वोट डाल नीतीश कुमार सरकार की वापसी कराई है। ऐसे में यह देखना रोचक है कि बिहार विधानसभा के अंदर इस बार किस जाति की तूती बोलेगी।
वीआईपी वॉच, सारसागर जिले में नेशनल हाईवे-44 पर तड़के हुए भीषण हादसे में बम डिस्पोज़ल स्क्वाड (BDS) के चार जवानों की मौत हो गई, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल है। जवानों का वाहन कंटेनर से टकराने के बाद हादसा हुआ।पढ़ें पूरी खबर।
पंजाब में लोहड़ी की धूमHaryana Weatherनशा छुड़ाने के नाम पर लूटPhagwaraChandigarhरिकाॅर्डतोड़ ठंड से ठिठुरा चंडीगढ़PunjabChandigarh News
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गोल्ड इनवाइट भिवानी। पिछले तीन माह से जिले के करीब 45 हजार एकड़ खेतों में तबाही मचाने वाला बरसाती पानी अब जलघर के टैंकों में प्रदूषण का जहर घोलने लगा है। सिंचाई विभाग की अथक कोशिशों से जलभराव में डूबे गांवों के आबादी क्षेत्र से पानी की निकासी करा दी गई है लेकिन बवानीखेड़ा और तोशाम क्षेत्र के कुछ गांव अभी भी बरसाती जलभराव की मार झेल रहे हैं। जाटूलुहारी, दांग खुर्द और रिवासा सहित प्रेमनगर व तिगड़ाना के खेतों में जमा बरसाती पानी किसानों के लिए नासूर बना हुआ है। कई महीनों तक ड्रेनों के जरिए पानी की निकासी कराई गई लेकिन अब बड़ी नहरों और डिस्ट्रीब्यूटरी नहरों में भी खेतों का सड़ चुका दूषित पानी छोड़ा जा रहा है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के जलघर टैंकों में प्रदूषण का जहर पहुंच रहा है। जिन गांवों के जलघर जलभराव के दौरान डूब गए थे उनके टैंक अब भी बदहाल पड़े हैं और सफाई के लिए अधिकारी बजट का इंतजार कर रहे हैं।
गोल्ड सब्सक्राइब, विस्तारFollow Usछत्तीसगढ़ की जनजातीय पहचान, लोक संस्कृति और परंपराओं का सबसे बड़ा उत्सव 'बस्तर पंडुम' इस वर्ष 10 जनवरी 2026 से पूरे उत्साह और गरिमा के साथ प्रारंभ होने जा रहा है। यह आयोजन बस्तर अंचल की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, रहन-सहन, लोककला, पारंपरिक खान-पान, वेशभूषा, गीत-संगीत और नृत्य परंपराओं को एक मंच पर प्रस्तुत करने का अनूठा प्रयास है।







