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💢प्रीमियम गेट💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ाPublished by:प्रिया वर्माUpdated Tue, 09 Dec 2025 08:17 AM IST
️कमाई सब्सक्राइब,सारUP Weather News: अवध क्षेत्र में सुबह-सुबह सूर्यदेव की किरणों से ठंड भाग गई। दर्शन पाकर लोग निहाल हुए। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शीत लहर के संकेत हैं। तराई क्षेत्र में घने कोहरे के आसार हैं। आगे पढ़ें ताजा अपडेट...
Donald Trumpआज का शब्दBharat RatnaUPIran UnrestIND vs NZNew ZealandJ&Kराज ने बताया क्यों उद्धव के साथ आए?दिल्ली-NCR में पड़ रही हाड़ कांपने वाली ठंड
विज़िट लाइक, कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
विस्तारFollow Usआगर मालवा शहर के बड़ौद रोड चौराहे पर एक युवती से लगातार छेड़छाड़ कर रहा युवक रंगे हाथों पकड़ा गया, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। तीन दिनों से पीछा कर परेशान कर रहे आरोपी ने जैसे ही युवती को देखा, फिर से हरकत दोहराने की कोशिश की, लेकिन इस बार राहगीरों ने उसे पकड़ लिया। भीड़ के दबाव पर युवती ने भी चप्पल से आरोपी को पीटा।
डाउनलोड डिपॉजिट, विस्तारFollow Usबेमेतरा जिले में पुलिस की सतर्कता और तकनीकी कार्रवाई से गुम हुए मोबाइल धारकों को बड़ी राहत मिली है। विभिन्न थाना व चौकी क्षेत्रों से गुम हुए 120 मोबाइल फोन को CEIR पोर्टल (Central Equipment Identity Register) के माध्यम से बरामद किया गया। इसे लेकर एसपी ऑफिस में एक कार्यक्रम आयोजित कर उनके वास्तविक स्वामियों के सुपुर्द किया गया।
पॉइंट्स कलेक्ट विस्तारFollow Us73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।
इनवाइट बोनस, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारांPublished by:बारां ब्यूरोUpdated Sat, 20 Dec 2025 07:58 PM IST







