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💢पुराना सब्सक्राइब💢सिकंदरपुर क्षेत्र के महुलानपार गांव में सुभासपा के जन चौपाल को संबोधित करते राष्ट्रीय प्रवक्ता
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IMD: राजस्थान में बारिश के बाद ठंड ने अचानक तेवर बदल लिए हैं। सीकर, हनुमानगढ़ सहित 10 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा और सर्द हवाओं के चलते दिन में भी कड़ाके की ठंड महसूस की गई।
विशेष ऐप, संवाद न्यूज एजेंसीPublished by:गायत्री जोशीUpdated Sat, 10 Jan 2026 03:32 PM IST
Tariff Threatईरान में कितना बड़ा हुआ आंदोलन?BangladeshTOP NewsUttarakhandUSUPReal Madridकपसाड़ कांडआज के दिन
बागपत। शहर के जैन मोहल्ले में सोमवार दोपहर को घरों में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे कर्मियों का लोगों ने विरोध कर दिया। लोगों की कर्मियों के साथ नोकझोंक और हाथापाई हो गई। इसको लेकर काफी देर तक हंगामा चलता रहा। लोगों ने कर्मियों का गिरेबान पकड़कर मोहल्ले से बाहर भगा दिया। इसके बाद वहां आए ऊर्जा निगम के अवर अभियंता और एसडीओ ने मामला शांत कराया। वहीं लोगों ने घरों पर लगवाए गए स्मार्ट मीटर भी हटवा दिए।
अर्न क्लिक, 1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
गेम फ्रेंड्स अमेठी सिटी। प्रतापगढ़ के चौक बाजार निवासी कपड़ा व्यवसायी विजय सिंह की हत्या का पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया। तंत्र-मंत्र से आराम न होने, आर्थिक नुकसान और लगातार धनराशि की मांग से नाराज होकर वारदात को अंजाम दिया गया। जायस के छोटा गोरियाना कस्बा निवासी राजन सोनकर ने तीन साथियों के साथ मिलकर पहले विजय पर वार कर बेहोश किया। बाद में तीन साथियों ने हाथ -पैर पकड़े और उसने सिर को धड़ से अलग कर दिया।
इलाहाबाद लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने एसआईआर पर सवाल खड़े किए हैं। कहा कि 24 प्रतिशत मतदाताओं का नाम प्रयागराज में कट जाना चिंता की बात है। प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि एक पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए उनके ज्यादा लोगों जोड़ा जा रहा है। विपक्ष के लोगों का नाम न जोड़े जाने की साजिश और षड़यंत्र की बू आ रही है। एसआईआर में बड़ी गड़बड़ी की जा रही है। सरकार के इशारे पर कार्य किया जा रहा है। शीतकालीन सत्र में चर्चा हुई लेकिन सरकार ने जब नहीं दिया। विश्वास लोकतंत्र की नींव को मजबूती देता है, लेकिन जनता का विश्वास डगमगा रहा है तो यह चिंता की बात है।
डिपॉजिट, संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Mon, 12 Jan 2026 12:39 AM IST







