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💢ट्रांसफर💢हल्द्वानी ब्यूरोUpdated Fri, 09 Jan 2026 11:57 PM IST
️सुपर कमेंट,मातर मड़ई कार्यक्रम में शामिल हुए विधायक- फोटो : अमर उजाला
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वरUpdated Thu, 08 Jan 2026 11:42 PM IST
विशेष वॉच, सारअमर उजाला बोनस और केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड की ओर से आगरा में ‘स्त्री शक्ति समृद्धि’ कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने महिलाओं को निवेश से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई।
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:18 PM IST
विस्तारFollow Usअशोकनगर जिले से दो हृदय विदारक घटनाएं सामने आई हैं, जहां तेज बारिश के बाद उफान पर आए नालों ने दो लोगों की जान ले ली। पहली घटना पिपरई थाना क्षेत्र के मूड़रा गांव की है, जहां मजदूरी के लिए घर से निकला 26 वर्षीय युवक विनोद आदिवासी नाले के तेज बहाव में बह गया। वहीं, दूसरी घटना मुंगावली थाना क्षेत्र के सोनाखेड़ी गांव की है, जहां खेलते-खेलते नाले में गिरा ढाई साल का मासूम कालू आदिवासी पानी में बह गया। दोनों घटनाओं ने क्षेत्र में शोक की लहर फैला दी है।
इनाम सब्सक्राइब,
विथड्रॉ मोबाइल राजधानी लखनऊ समेत अवध क्षेत्र में मंगलवार को सुबह-सुबह सूर्यदेव की किरणें खिलीं तो लोग निहाल हो उठे। साथ ही ठंड भी भाग गई। शीतलहर और कोहरे से राहत मिली तो सड़कों पर जनजीवन सामान्य दिखा। लोग धूप सेकने को घरों से बाहर दिखे।
विस्तारFollow Usजिले के नलखेड़ा में स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर की कीमती भूमि को लेकर हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया। इसके बाद शुक्रवार रात को पुलिस प्रशासन और अन्य विभागों की टीम मौके पर पहुंची। जेसीबी की मदद से जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटा दिया गया। कार्रवाई देर रात तक चली और परिसर में भीड़ लगी रही।
डायमंड फ्री, आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।







