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️विथड्रॉ,सेरंगदाग बॉक्साइट माइंस में श्रमिकों का शोषण का आरोप- फोटो : अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Mon, 29 Dec 2025 08:16 AM IST
विज़िट, विस्तारFollow Usजिले के बज्जू थाना क्षेत्र के 6 एमडीएम मोडायत से एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने इंसानी रिश्तों पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। कलयुगी बेटे योगराज ने अपने ही पिता गोपीराम बिश्नोई की हत्या कर परिजनों के सामने झूठ की ऐसी कहानी रची कि अंतिम संस्कार तक किसी को शक तक नहीं हुआ।
हेलीकॉप्टर में हुई दुल्हन की विदाई- फोटो : अमर उजाला
सड़क जाम कर विरोध-प्रदर्शन करते प्रभावित परीक्षार्थी- फोटो : अमर उजाला
बेमेतरा पुलिस ने गुरुवार को हत्या मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने आपसी विवाद के बाद एक युवक के ऊपर लोहे की रॉड से हमला किया था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
कूपन कमाई, विस्तारFollow Usबिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री बनते ही विभागीय सिस्टम को सुधारने मेंभ्रष्टाचार की जमीन खोदने लगे। लिहाजा भ्रष्ट अधिकारी और भूमाफियाओं के बीच हड़कंप मच गया। लेकिन इसके बाद भी समस्तीपुर में भू माफियाओं के द्वारा रिटायर्ड फौजी को फर्जी तरीके से कागजों में मृत घोषित कर उनकी जमीन हड़पने की कोशिश करने का मामला सामने आया। यहां तक कि वह सीमा पर दुश्मन देश से लड़ने वाला फौजी अपने ही प्रदेश में सीने पर “साहेब मैं जिंदा हूँ”लिखी तख्ती लगाकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पर मजबूर हो गया। अब ऐसा ही मामला भागलपुर से सामने आया है, जहां भू-माफियाओं ने करीब 9 साल पहले मर चुकी एक महिला को सरकारी दस्तावेजों में 'जिंदा' कर दिया और फिर फर्जी शपथपत्र के जरिए जमीन का दाखिल-खारिज भी करा लिया। मामला संज्ञान में आने के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी हैरान हो रहे हैं।
साप्ताहिक ट्रांसफर Chhindwara Newsलुधियाना में लूटAmritsarShahdol NewsBihar NewsJalandharरेवाड़ी में पुलिस की बड़ी कार्रवाईMP NewsMunger NewsBihar
विस्तारFollow Usबीजापुर में कांग्रेस नेता विमल सुराना ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) में बड़े बदलाव कर गरीबों के काम करने और मजदूरी पाने के अधिकार को छीनने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को काम की कानूनी गारंटी थी और मांग करने पर 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य था। लेकिन अब यह अधिकार समाप्त हो गया है और सरकार की मर्जी से काम मिलेगा।
साप्ताहिक ईज़ी, अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Sat, 10 Jan 2026 07:27 PM IST







