विशेष रजिस्टर
नया टास्क
रिसीव सब्सक्राइब, Inc
नया कम्पलीट
💢क्लिक पॉइंट्स💢सारभगत ने आगे कहा कि सरगुजा जिले के मैनपाट में बिना ग्राम सभा के प्रस्ताव लिए मैनपाट के कई ग्रामों में माइनिंग की तैयारी हो रही है। जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष देखने को मिल रहा है।अगर मैनपाट में माइनिंग हुआ तो पर्यटन की संभावना समाप्त हो जाएगी।
️अर्न साइन अप,सारBaran News: बारां शहर में तेल चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। हाईवे और चौराहों पर खड़े वाहनों को निशाना बनाया जा रहा है। सीसीटीवी में वारदातें कैद होने के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं हुई, जिससे वाहन मालिकों में चिंता बढ़ी है।
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
इनाम टास्क,
संवाद न्यूज एजेंसी, आगराUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:48 AM IST
विस्तारFollow Us1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
अल्ट्रा डिपॉजिट,
लॉग इन शेयर विस्तारFollow Usराजस्थान में ट्रांस्पोर्ट विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार की कहानी आपको हैरान कर देगी। यहां परिवहन विभाग के अधिकारी गिरोह बनाकर वसूली का काम कर रहे हैं और वाहनों से अवैध वसूली के लिए दलालों के मार्फत कॉल सेंटर तक चला रहे हैं, जहां रिश्वत की राशि नकद के अलावा ऑनलाइन तक करने की सुविधा दी जा ही है। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार देर शाम परिवहन विभाग में फैले संगठित भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की। महानिदेशक गोविन्द गुप्ता के निर्देशन में एसीबी की 12 टीमों ने अजमेर संभाग के ब्यावर, नसीराबाद, विजयनगर, केकड़ी, किशनगढ़ और अजमेर कार्यालयों से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और दलालों के 11 ठिकानों पर आकस्मिक सर्च ऑपरेशन चलाया ।
-ढिकौली गांव के दंगल में कई जिलों से पहलवानों ने पहुंचकर दिखाया दम
पैसे, सारमाघ मेले में तीन हजार करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। 44 दिन तक चलने वाले मेले में 15 से 20 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। पांच लाख लोगों को रोजगार मिल सकता है। अयोध्या, वाराणसी और अन्य धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से वहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है।







