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️पुराना वेरिफाई,अमर उजाला नेटवर्क, अम्बिकापुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Fri, 26 Dec 2025 03:05 PM IST

PrayagrajUSMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पति

विथड्रॉ, कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त

संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)Published by:अंकेश ठाकुरUpdated Fri, 09 Jan 2026 05:40 PM IST

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Mon, 24 Nov 2025 08:06 AM IST

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Sun, 19 Oct 2025 08:40 AM IST

पैसे टास्क, बागपत। खैला गांव के हजारीलाल मेमोरियल इंटर कॉलेज से निलंबित शिक्षिका निधि शर्मा के साथ सोमवार को ब्राह्मण समाज के लोगों व शिक्षकों ने कलक्ट्रेट में पहुंचकर धरना दिया। उन्होंने कॉलेज प्रबंधक पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। साथ ही खून से पत्र लिखकर डीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर इच्छा मृत्यु मांगी। डीएम ने जांच कराकर जल्द ही कार्रवाई करने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।

नया टास्क बलरामपुर। ठंड में हड्डी रोगियों की परेशानी बढ़ हुई है, वहीं संयुक्त जिला चिकित्सालय में कई महीनों से हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती ही नहीं है। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं। जिला अस्पताल होने के कारण यहां प्रतिदिन 90 से 100 मरीज प्रतिदिन आते हैं, लेकिन उन्हें बिना इलाज के निराश लौट रहे हैं।

सारसीजीपीएससी 2024 के रिजल्ट आ गए है, इस परीक्षा में सरगुजा जिला के सीतापुर क्षेत्र से दो लोगों ने अपना स्थान बनाया है। अनुसूचित जनजाति वर्ग में चंचल पैकरा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

मासिक सब्सक्राइब, गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।

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