मोबाइल क्लिक
मासिक कैश
गोल्ड इंस्टेंट, Inc
शेयर
💢सुपर लाइक💢
️वेरिफाई साइन अप,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ाPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Fri, 12 Dec 2025 10:18 PM IST
सारPunjab News: पंजाब में रुके रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स अब रफ्तार पकड़ेंगे। आप सरकार ने एनओसी की समय सीमा में विस्तार किया है। वहीं, ओटीसी स्कीम भी जारी की गई है।
डाउनलोड,
सारकल देर रात चलती ट्रेन में कोच अटेंडेंट से हुए विवाद के बाद उसने सैन्य जवान पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सारउसहैत कस्बा के वार्ड नंबर 11 में सोमवार सुबह प्लॉट को समतल करने के दौरान दीवार गिर गई, जिसके नीचे तीन मजदूर दब गए। इनमें से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 05:39 PM IST
साइन अप डिपॉजिट, USMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Polls
अल्ट्रा कमाई विस्तारFollow Usपूर्णिया जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इस घटना ने न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज की संवेदनाओं को भी झकझोर कर रख दिया है। शनिवार रात घने कोहरे के बीच डगरूआ थाना क्षेत्र के एक गैरेज में 24 वर्षीय युवती के साथ हुई हैवानियत का खुलासा घटना के 48 घंटे बाद सामने आए एक वीडियो से हुआ है, जिसमें पीड़िता अपने जख्म दिखाते हुए न्याय की गुहार लगाती नजर आ रही है।
झोझू कलां। मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को पूरे देश में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन मकर राशि में सूर्य का आना बड़ा शुभ होता है और धनु राशि की मंद गति को छोड़कर सूर्य दोबारा अपनी सामान्य गति में प्रवेश करता है। शास्त्रों में इसे उत्तरायण का नाम भी दिया जाता है। आचार्य डॉ. मनोज शास्त्री बलाली ने बताया कि इस बार संयोग से इस दिन एकादशी भी है और मकर संक्रांति पर खिचड़ी का दान किया जाता है। ऐसे में एकादशी होने के कारण इस दिन खिचड़ी दान करने को लेकर संशय की स्थिति बन जाती है। शास्त्री ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार तिल का दान श्रेष्ठ है। ऐसे में मकर संक्रांति पर तिल व इससे बने हुए लड्डू, रेवड़ी, मूंगफली या कोई भी ऋतु अनुसार फल का दान कर सकते हैं।
कमाई, उत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।







