छोटा ऐप
विज़िट
रजिस्टर करके कमाएँ, Inc
वीडियो साइन अप
💢नया ट्रांसफर💢T20 WCWest Bengalविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?यूपीप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालदिल्ली में फिर टूटा ठंड का रिकॉर्डअंबरनाथ नगर परिषदBihar Newsएक और पति का कत्ल
️अल्ट्रा इनवाइट,अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:40 AM IST
रजिस्टर गेट, सारमौसम विभाग के निदेशक सुरिंदर पाल के अनुसार अगले सात दिनों में तापमान में ज्यादा अंतर आने की संभावना नहीं है, लेकिन कई स्थानों पर धुंध बढ़ सकती है।
चंडीगढ़ में सोमवार सुबह एक बार फिर घना कोहरा छा गया। कड़ाके की ठंड ने गलन का अहसास कराना शुरू कर दिया है। शहर का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस है, जबकि अधिकतम तापमान 14 डिग्री तक पहुंच गया है। ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है।
सारNitish Kumar : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए 2026 कई तरह से मायने रखता है। 2025 के अंत में उन्होंने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उसके पहले और उसके बाद कई बातें उठीं। लेकिन, अब वह एक बार फिर जवाब देने के मूड में हैं।
गाजियाबाद ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:33 PM IST
नया रजिस्टर, वाराणसी ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:08 AM IST
कैश इनाम विस्तारFollow Usबीजापुर जिले के गंगालुर थाना क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने माओवादियों की एक बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया। डीआरजी बीजापुर, थाना गंगालुर और बीडीएस टीम की संयुक्त कार्रवाई में करीब 10 किलोग्राम वजनी आईईडी बरामद किया गया।
एनटीपीसी कहलगांव स्थित अंग भवन में शनिवार को समर्थ मिशन के सहयोग से बायोमास को-फायरिंग विषय पर क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मिशन के तहत देश के तमाम तापीय विद्युत संयंत्रों में बायोमास के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। कार्यशाला में समर्थ मिशन के निदेशक रवि प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि बायोमास को-फायरिंग नीति के तहत देश के ऊर्जा संयंत्रों में कृषि अवशेषों से 28 गीगावॉट बिजली उत्पादन संभव है। इस मिशन के अंतर्गत देश के सभी विद्युत परियोजनाओं में इसका प्रयोग किया जा रहा है।
विज़िट, चंपावत। जिला अस्पताल में मरीजों के लिए बने पुरुष और महिला शौचालय गंदगी से पटे हुए हैं। शौचालयों में मरीजों और तीमारदारों को मुंह पर कपड़ा या हाथ रखकर जाना पड़ रहा है। गंदगी देखकर अस्पताल के मरीज जल्द ठीक होने के बजाय और बीमार जरूर पड़ जाएंगे। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती मरीज कड़ाके की ठंड से बचाव के लिए अपने घर से कंबल लाने के लिए मजबूर हैं। अस्पताल में मिलने वाले कंबल ठंड के सामने घुटने टेक रहे हैं।







