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💢कमाई पैसे💢विस्तारFollow Usपूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में देशभर के दलित और आदिवासी संगठनों ने सोमवार को राजधानी भोपाल में भोपाल डिक्लेरेशन-2 के ड्राफ्टिंग सत्र की शुरुआत की। यह पहल भोपाल डिक्लेरेशन-1 की 25वीं वर्षगांठ से पहले की गई और इसका उद्देश्य SC-ST वर्ग के अधिकारों, रोजगार, भूमि, शिक्षा और सामाजिक न्याय से जुड़े एजेंडे को नए संदर्भ में तैयार करना है। दिग्विजय सिंह ने प्रेस वार्ता में पुराने अनुभवों, सामाजिक बदलावों और प्रशासनिक विफलताओं पर खुलकर बात रखी।
️कम्पलीट,पीडीडीयू नगर। अलीनगर थाना क्षेत्र के मवई खुद वार्ड में आरबीआई का एजेंट बन एक व्यक्ति ने दंपती सोने के गहने देने के नाम पर 4.35 लाख रुपये ठग लिया। पीड़ित से मिली तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
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रजिस्टर विज़िट, सारसागर जिले में नेशनल हाईवे-44 पर तड़के हुए भीषण हादसे में बम डिस्पोज़ल स्क्वाड (BDS) के चार जवानों की मौत हो गई, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल है। जवानों का वाहन कंटेनर से टकराने के बाद हादसा हुआ।पढ़ें पूरी खबर।
सारदोनों ने चार साल पहले प्रेम विवाह किया था और शादी के बाद से ही विवाद चलते थे। शुक्रवार रात झगड़े के बाद शनिवार सुबह दोनों ने यह कदम उठाया। सूचना पर पुलिस और एसडीईआरएफ टीम ने दो घंटे की मशक्कत के बाद शव बरामद कर परिजनों को सौंप दिए।
सारBetul News : बैतूल के मजदूर निखिलेश धुर्वे ने बेटे निहाल के इलाज के लिए कर्ज लेकर हर कोशिश की, लेकिन कफ सिरप पीने के बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई। कई अस्पतालों में इलाज के बावजूद 1 अक्तूबर को उसकी मौत हो गई। परिवार ने जांच और मुआवजे की मांग की।
गेम स्टूडेंट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेरPublished by:आशुतोष प्रताप सिंहUpdated Fri, 09 Jan 2026 11:22 AM IST
सिल्वर ट्रांसफर संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बाUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:11 PM IST
इनवाइट क्लिक, राजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।







