फ्री कूपन
ऑफर बोनस
अतिरिक्त डिस्काउंट, Inc
लॉग इन विन
💢बड़ा लॉग इन💢विस्तारFollow Usजिले में नशे के नेटवर्क और मादक पदार्थों की सप्लाई पर नकेल कसने के लिए पुलिस और डीएसटी लगातार फील्ड में सक्रिय है। इसी सिलसिले में शुक्रवार रात शहर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जहां फास्ट फूड की दुकान को सिगरेट-कबाब और बर्गर बेचने की आड़ में नशीले पदार्थों की बिक्री का अड्डा बना दिया गया था। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 2.74 किलोग्राम अवैध गांजा पाउडर बरामद करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
️शेयर वॉच,
सारमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज फरसाबहार क्षेत्र के विकास को नई गति देते हुए जनपद पंचायत मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में 40 करोड़ 89 लाख 26 हजार रुपए की लागत से बनने वाले 13 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।
क्लिक ऑनलाइन,
विस्तारFollow Usराजस्थान के बालोतरा जिले में राष्ट्रीय पक्षी मोर के अवैध शिकार की सूचना मिलते ही सिवाना वन विभाग ने संवेदनशीलता और तेज कार्रवाई का परिचय देते हुए बड़ी सफलता हासिल की। विभाग की टीम ने 40 घंटे की निरंतर खोज के बाद आरोपी शिकारी को गिरफ्तार किया। साथ ही शिकार किए गए मोरों की बरामदगी की गई और एक घायल मोर को उपचार उपलब्ध करवाकर उसका जीवन भी बचाया गया।
Civic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest BengalयूपीBihar News
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबालाUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:59 AM IST
इनवाइट पैसे, विस्तारFollow Usराजस्थान की माटी का कण-कण शौर्य और गौरवशाली इतिहास की गवाही देता है, लेकिन बानसूर विधानसभा क्षेत्र में यह गौरव आज अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। ग्राम हाजीपुर और बानसूर मुख्य कस्बे की पहाड़ियों पर स्थित ऐतिहासिक किले प्रशासनिक उपेक्षा और पुरातत्व विभाग की उदासीनता के चलते खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। जो किले कभी सुरक्षा के अभेद्य कवच और राजपूताना आन-बान-शान के प्रतीक थे, वे आज सरकारी फाइलों में गुम होकर अपना अस्तित्व खो रहे हैं।
मोबाइल विथड्रॉ अमर उजाला नेटवर्क, बालोदPublished by:Digvijay SinghUpdated Thu, 08 Jan 2026 03:43 PM IST
फोटो-32-बाइक पर चार बैठे लोग, वाहन का चालान करती टीम। स्रोत: परिवहन विभाग
इंस्टेंट, औद्योगिक गलियारा परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण के लिए रविवार को अधिकारियों व स्थानीय किसानों की बैठक हुई। इसमें किसान पड़ोसी गांव सराय लाल खातून के बराबर मुआवजा देने की मांग पर अडिग रहे।







