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💢ऑफर सर्वे💢बैरिया। अतिरिक्त सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों, सुपरवाइजरों के एकदिवसीय प्रशिक्षण में सहायक निर्वाचन अधिकारी/ उप जिलाधिकारी बैरिया आलोक प्रताप सिंह ने टिप्स दिए। एसआईआर में शेष मैपिंग कराने के लिए 17374 मतदाताओं को तत्काल नोटिस रिसीव करने का निर्देश बीएलओ को जारी किया है। साथ ही सुपरवाइजरों को यह देखने का निर्देश दिया है कि नोटिस संबंधित लोगों के पास पहुंच रही है या नहीं। वहीं, अतिरिक्त सहायक पंजीकरण अधिकारियों को दावे और आपत्तियों को तत्काल निस्तारित करने का निर्देश दिया और कहा कि किसी भी मतदाता को नोटिस देते समय यह ध्यान रहना चाहिए कि कम से कम एक सप्ताह का मौका मतदाता को दावा और आपत्ति के लिए मिले। उप जिलाधिकारी ने बताया कि मैपिंग के प्रमाण पत्र के लिए आधार कार्ड के अलावा एक अतिरिक्त प्रमाण पत्र देना पड़ेगा। तहसील से जारी सामान्य निवास प्रमाण पत्र स्वीकार्य नहीं होगा। अपर जिलाधिकारी कार्यालय से जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र ही इसमें स्वीकार्य होगा। स्पष्ट किया कि फिलहाल तो स्थायी प्रमाण पत्र नहीं बनता है, लेकिन कुछ वर्ष पहले तक एडीएम स्तर से स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनता था। वही प्रमाण पत्र मान्य होगा। उप जिलाधिकारी ने बताया कि अन्य विकल्प भी उपलब्ध है। इसकी चर्चा नोटिस में की गई है। उसमें से किसी एक प्रमाण पत्र को देना पड़ेगा। इसके अलावा सहायक अतिरिक्त पंजीकरण अधिकारी के विवेक पर निर्भर करता है कि प्रमाण पत्र का सत्यापन करें या ऐसे ही स्वीकार कर लें। उप जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों, समाज के जागरूक लोगों से इस कार्य में सहयोग लेने का निर्देश मातहतों को दिया है।
️अर्न ट्रांसफर,Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में बार नवापारा क्षेत्र के ग्राम हरदी में मंगलवार सुबह चार हाथी, जिनमें एक शावक भी शामिल था, करीब 15 फीट गहरे कुएं में गिर गए। बताया जा रहा है कि अंधेरे और फिसलन भरे रास्ते के कारण यह हादसा हुआ। सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर धान देखने पहुंचे तो उन्हें कुएं से हाथियों की आवाज सुनाई दी। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी।
ट्रांसफर ऑनलाइन, वाराणसी ब्यूरोUpdated Thu, 08 Jan 2026 01:38 AM IST
UP News:ब्रिटिश मौलाना से शिक्षण कार्य लेने और वेतन देने के मामले में मुबारकपुर कस्बे के जिस मदरसे की मान्यता निलंबित की गई है, उसमें 2678 छात्र- छात्राएं तालीम ले रहे हैं। मदरसा बोर्ड द्वारा मान्यता निलंबित होने से अब इन छात्रों का भविष्य अधर में हो गया है। इस संबंध में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मदरसा बोर्ड को पत्र भेजकर मार्गदर्शन मांगा है।
विस्तारFollow UsUP Crime:आजमगढ़ के बरदह थाना क्षेत्र के ग्राम बर्रा कुटी में रविवार की सुबह 22 वर्षीय युवती का शव शीशम के पेड़ पर दुपट्टे के सहारे लटकता हुआ मिला। मृतका की पहचान अंजलि के रूप में हुई है, जो नौ जनवरी की सुबह से घर से लापता थी। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और तरह-तरह की चर्चाओं का माहौल है।
विस्तारFollow Usबारां जिले के किशनगंज के पास हाईवे पर मंगलवार रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। खटका गांव के किसान दीपक मेहता अपनी मक्का की फसल लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली से बारां मंडी जा रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार ट्रॉले ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई और दीपक की मौके पर ही मौत हो गई।
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ईज़ी कैश विस्तारFollow Usजिले में बीते तीन वर्षों में नाबालिग किशोरियों के अपहरण और गुमशुदगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। प्रत्येक थाने में नाबालिग किशोरियों के लापता और अपहरण होने के दर्जनों मामले हर महीने पहुंच रहे हैं। इनमें से ज्यादातर मामले प्रेम प्रसंग से जुड़े हुए रहते हैं। इसके बाद परिजन और पुलिस दोनों ही इन्हें ढूंढने में परेशान हो रहे हैं। कम उम्र में मोबाइल और सोशल मीडिया के उपयोग से इस तरह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पुलिस की जांच में भी इस बात की पुष्टि अभी तक दर्ज हुए मामलों से हुई है।
विस्तारFollow Us73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।
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