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💢फ्री💢घटनास्थल पर मौजूद पुलिस और स्थानीय लोग- फोटो : अमर उजाला
️रजिस्टर विज़िट,सारग्वालियर के अधिवक्ता अनिल मिश्रा और उनकी टीम के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में भिंड जिले के अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता संघ के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और ग्वालियर पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए ज्ञापन सौंपा।
क्लिक रिवॉर्ड्स, सारभरतपुर में ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा नेताओं ने उच्चैन एसडीएम धारा मीणा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। मामला बढ़ने पर मंत्री सुरेश रावत और प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति संभाली।
विस्तारFollow Usराजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।
सारबूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व की खटकड़ क्षेत्र में एक पैंथर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रथम दृष्टया बीमारी से मौत की आशंका है। वन विभाग ने पोस्टमार्टम कराया है। रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।Published by:Krishan SinghUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:04 AM IST
ऑफर कम्पलीट, 252 करोड़ से ज्यादा की राशि वितरित- फोटो : अमर उजाला
शेयर घुमारवीं के गांधी चौक पर बसों का इंतजार करते बच्चे। संवाद
फ्री डिस्काउंट, बीजापुर में विधायक विक्रम मंडावी ने आज जिला मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर संभाग का बीजापुर जिला आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां संविधान की पांचवीं अनुसूची लागू है। 25 जनवरी 1994 से पंचायती राज व्यवस्था के साथ ही प्रदेश में पेसा कानून भी लागू है। इनके तहत ग्राम सभा सर्वोपरि है और गांव में किसी भी विकास कार्य के लिए ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य है। यह संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया हमारे लोकतंत्र को मजबूत करती है।







