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💢डायमंड साइन अप💢पंजाब में पिछले आठ वर्षों के दौरान अमृतसर और जालंधर ने वायु गुणवत्ता सुधार में सबसे अधिक प्रगति की है। ऊर्जा और स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र द्वारा जारी राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) की रिपोर्ट के अनुसार, अमृतसर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 2017 में 189 था, जो 2025 तक घटकर 87 हो गया, यानी 54% कमी। इसी तरह, जालंधर का एक्यूआई 178 से घटकर 99 हुआ, यानी 45% की गिरावट दर्ज की गई।
️साइन अप ऑनलाइन,जलबेड़ा। विभाग की कृषि कल्याणकारी योजनाओं को देखते हुए किसानों का झुकाव मिश्रित खेती की ओर बढ़ रहा है। वर्तमान में जलबेड़ा का किसान सुखमिंद्र सिंह मिश्रित खेती कर रहा है। उन्होंने बताया कि रबी के सीजन में 6 एकड़ सरसों की फसल लगाई है। जिसमें से चार एकड़ में पीली सरसों की सीधी बोआई की और दो एकड़ में मशीन से बैड बनाकर सरसों का अच्छी गुणवत्ता वाला बीज डाला। इसमें बरसीम की बिजाई भी की है। उन्होंने बताया कि विभाग की यह योजना कारगर सिद्ध हो रही है। सरसों पकने के बाद उनके पास बरसीम का बीज तैयार हो जाएगा। जिसका बाजार में रेट 100 से 120 रुपये प्रति किलो है। मिश्रित खेती से एकल फसल की अपेक्षा मुनाफा ज्यादा होता है।जलबेड़ा गांव में खेत में खड़ी सरसों व बरसीम की फसल। संवाद
बागेश्वर। पंडित बीडी पांडेय परिसर को अब तक विज्ञान भवन का हस्तांतरण नहीं होने से विद्यार्थियों में रोष है। छात्र-छात्राओं ने परिसर के खेल मैदान में खड़े सीज वाहन नहीं हटाने पर भी नाराजगी जताई। जल्द समस्याओं का निदान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। बृहस्पतिवार को निदेशक के माध्यम से विद्यार्थियों ने डीएम को ज्ञापन भेजा। छात्रसंघ अध्यक्ष सागर जोशी ने बताया कि परिसर के खेल मैदान में एक साल पहले सीज करके रखे गए डंपर और अन्य वाहनों को अब तक नहीं हटाया गया है। पूर्व में विद्यार्थी इसे लेकर ज्ञापन भी दे चुके हैं। विद्यार्थियों ने उत्तरायणी मेले के दौरान खेल मैदान को टैक्सी पार्किंग स्थल बनाने का भी विरोध किया। चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर उत्तरायणी मेले के दौरान विद्यार्थी धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। इस मौके पर ललित कुमार, मनीष चौबे, पियूष तिवारी, प्रेम दानू, पंकज कुमार, राहुल बाराकोटी, कैलाश आदि रहे।
विथड्रॉ, राजस्थान की माटी का कण-कण शौर्य और गौरवशाली इतिहास की गवाही देता है, लेकिन बानसूर विधानसभा क्षेत्र में यह गौरव आज अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। ग्राम हाजीपुर और बानसूर मुख्य कस्बे की पहाड़ियों पर स्थित ऐतिहासिक किले प्रशासनिक उपेक्षा और पुरातत्व विभाग की उदासीनता के चलते खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। जो किले कभी सुरक्षा के अभेद्य कवच और राजपूताना आन-बान-शान के प्रतीक थे, वे आज सरकारी फाइलों में गुम होकर अपना अस्तित्व खो रहे हैं।
1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
विथड्रॉ, कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
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बोनस डिस्काउंट, तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन-चाहे गुटखा हो या धूम्रपान-सेहत के लिए गंभीर जोखिम पैदा करता है। यह ओरल कैंसर, फेफड़ों की बीमारियों, पाचन संबंधी समस्याओं और अन्य क्रॉनिक रोगों का प्रमुख कारण है। भारत में 25.3 करोड़ से अधिक लोग तंबाकू का उपयोग करते हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ बढ़ रहा है। शोध बताते हैं कि तंबाकू छोड़ने के कुछ ही दिनों में शरीर में सकारात्मक बदलाव शुरू हो जाते हैं, जिससे कई बीमारियों का खतरा काफी कम हो जाता है। स्वस्थ जीवन के लिए तंबाकू से दूरी बनाना जरूरी है।







