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💢मासिक पॉइंट्स💢नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के अंतिम चरण में बालाघाट जिले में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। समर्पित नक्सलियों से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर सीआरपीएफ की 123 बटालियन ने शनिवार को रूपझर थाना क्षेत्र अंतर्गत दुगलई आमानाला के घने जंगलों में सघन तलाशी अभियान चलाकर नक्सलियों का एक विस्फोटक डंप बरामद किया। नक्सलियों ने इस डंप को प्लास्टिक केन में छिपाकर रखा था, जिसका इस्तेमाल सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने की साजिश के तहत किया जाना था।
️फ्रेंड्स,अमर उजाला नेटवर्क, सूरजपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Thu, 30 Oct 2025 06:55 PM IST
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
अल्ट्रा इनवाइट,
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुरPublished by:अनूपपुर ब्यूरोUpdated Sun, 09 Nov 2025 07:40 PM IST
Ajmer: अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम शास्त्री नगर स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर संपन्न हुआ।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 05 Jan 2026 10:52 PM IST
बोनस लॉग इन, विस्तारFollow Usजिले के पौंडी गांव के बैगा टोला में शनिवार सुबह दर्दनाक घटना सामने आई। घर के भीतर एक बुजुर्ग दंपती का शव मिला। पत्नी जमीन पर खून से लथपथ पड़ी थी, जबकि पति कमरे में फंदे पर झूलता मिला। गांव में घटना की खबर फैलते ही सनसनी मच गई। सूचना मिलते ही रूपझर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल टीम को बुलाकर जांच शुरू की।
मेगा पैसे विस्तारFollow Us73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।
सारधर्म परिवर्तन के आरोप को लेकर बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रार्थना सभा में मौजूद लोगों से पूछताछ की।
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