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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:भोपाल ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:27 AM IST
सिल्वर इनवाइट, अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:राहुल तिवारीUpdated Mon, 29 Dec 2025 07:38 PM IST
सारBhilwara News: भीलवाड़ा पुलिस ने अपराधियों और माफियाओं का महिमामंडन करने वाले सात स्थानीय गायकों पर रोक लगा दी है। गानों को सोशल मीडिया से हटाने और भविष्य में ऐसे गीत न गाने की चेतावनी दी गई है।
राजकीय उच्च पाठशाला चुवाड़ी में बच्चों को पढ़ाती अध्यापिका। स्रोत: डीपीआरओ
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गुधनी-खौंसारा गांव में सरकारी तालाब पर अवैध निर्माण कर कब्जा किए जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने सोमवार को तहसील जाकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन से तालाब को कब्जा मुक्त कराने की मांग करते हुए एसडीएम प्रेमपाल सिंह को एक ज्ञापन सौंपा।
कमाई, भिवानी। शहर में सोमवार को न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जिससे यह दिन इस सीजन का सबसे ठंडा दिन बन गया। सुबह से शीतलहर और कोहरे का असर देखा गया वहीं दोपहर में हल्की धूप निकलने के बावजूद ठंड का असर जारी रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। सोमवार की सुबह की शुरुआत कोहरे और शीतलहर के साथ हुई।
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हलैना कस्बे में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय और राजकीय संस्कृत उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक फीमेल डॉग ने आतंक मचा रखा है। पिछले दो दिनों से यह कुतिया लगातार बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों पर हमला कर चुकी है। अब तक 18 बच्चे, 2 शिक्षक और गांव के 7 लोग इस हमले का शिकार बन चुके हैं, जिनमें से कई का इलाज जारी है। कुल मिलाकर 27 लोग घायल हुए हैं।
शेयर रिवॉर्ड्स, भोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।







