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💢साइन अप स्टूडेंट💢विस्तारFollow Usबिहार में निजी वाहनों को व्यवसायिक उपयोग में लाने की प्रक्रिया को आसान बना दिया गया है। इस संबंध में परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि अब निजी गाड़ी को कमर्शियल या कमर्शियल गाड़ी को निजी श्रेणी में बदलने के लिए सरल नियम तय किए गए हैं, जिससे वाहन मालिकों को सहूलियत मिलेगी।
️वीआईपी रिसीव,Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
बदायूं। परिवहन निगम में 18 नई महिला परिचालकों की भर्ती की गई है। इससे पहले 24 महिलाओं को परिचालक बनाया गया था, जो बेहतर ढंग से काम कर रहीं हैं। जल्द ही हर रूट पर महिला परिचालक दिखाई देंगी। ये नई महिला परिचालक भी स्थानीय मार्गों पर ही ड्यूटी देंगी। रात के समय इनसे ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी।
ऑनलाइन,
बुलंदशहर। जिले में खाली चल रहे 91 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 766 सहायिकाओं की फरवरी तक नियुक्ति होगी। इससे पोषाहार वितरण और शिक्षण कार्य की गुणवत्ता में सुधार आएगा। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब आगामी तैयारी शुरू हो गई है। जिला बाल एवं पुष्टाहार विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी पूनम तिवारी ने बताया कि शासन के आदेश पर जिले में रिक्त चल रहे 91 आंगनबाड़ी और 766 आंगनबाड़ी सहायिका के पद भरे जाएंगे।
विस्तारFollow Usरायपुर पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों से दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की तीन मोटरसाइकिल और एक एक्टिवा बरामद की गई है, जिनकी कुल कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई जा रही है।
अल्ट्रा स्टूडेंट, पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।- फोटो : अमर उजाला
शेयर गेम संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:10 PM IST
अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:अनुज कुमारUpdated Wed, 31 Dec 2025 07:55 PM IST
कैश, विस्तारFollow Usजोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल पर कथित हेट स्पीच का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी और पुलिस जांच की निगरानी समेत अन्य मांगें करते हुए हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि चल रही आपराधिक जांच में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी का निर्देश दिया जा सकता है। इसके अलावा जांच के तरीके या वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी जैसे निर्देश देना आपराधिक जांच के माइक्रो मैनेजमेंट जैसा होगा, जो कोर्ट के दायरे में नहीं आता।







