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️लॉग इन,संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकीUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:09 AM IST
बस्ती। दुबौलिया थाना क्षेत्र के ग्राम बेमहरी के खूनी टोला में हुए तांत्रिक हत्याकांड से पुलिस ने 17 दिन बाद पर्दा उठा दिया। पुलिस ने रविवार को मुठभेड़ में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एक के पैर में गोली लगी है। जबकि दो अन्य आरोपी पकड़ से बाहर हैं। पुलिस का दावा है कि तांत्रिक रामजीत (58) की हत्या आशनाई में की गई थी। पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ में पकड़ा गया आरोपी लवकुश उर्फ लालचंद ने पूछताछ में बताया कि तांत्रिक पहले उसकी बड़ी बहन पर गलत नजर रखता था। उसकी शादी के बाद छोटी बहन पर गलत नजर रखने लगा था।
लॉग इन, वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:59 PM IST
राजस्थान के महत्वपूर्ण क्षेत्र बालोतरा से पचपदरा रिफाइनरी तक 11 किलोमीटर नई लाइन के लिए फ़ाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) को मंज़ूरी प्रदान की गई है। फाइनल लोकेशन सर्वे के कार्य के लिए 33 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। यह रेल लाइन पचपदरा को बालोतरा, बाड़मेर और आसपास के क्षेत्रों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी। साथ ही क्षेत्र का जोधपुर एवं अहमदाबाद और दिल्ली तथा जयपुर की ओर भी सम्पर्क स्थापित होगा। यह प्रस्तावित रेल मार्ग इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में निर्णायक भूमिका निभाएगा । इस नई रेल लाइन के निर्माण से पचपदरा स्थित रिफ़ाइनरी तक रेल मार्ग के माध्यम से पहुंच और सुगम होगी। साथ ही रोज़गार, व्यापार, कृषि और स्थानीय उद्योगों के लिए नए परिवहन का विकल्प उपलब्ध होगा। बालोतरा से पचपदरा, 11 किलोमीटर नई लाइन के लिए फ़ाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) पूरा होने के बाद परियोजना की वित्तीय और तकनीकी व्यवहार्यता के आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर कार्य स्वीकृत रेलवे बोर्ड स्वीकृति हेतु प्रेषित की जाएगी।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Tue, 06 Jan 2026 12:04 AM IST
क्लिक विन,
बड़ा रिवॉर्ड्स संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकीUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:05 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवरPublished by:अलवर ब्यूरोUpdated Sat, 27 Dec 2025 08:00 AM IST
प्लेटिनम इनवाइट, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।







