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💢लाइक💢चंपावत। कभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।
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-प्रधान मुख्य वन संरक्षक से अरावली के सटीक क्षेत्र को परिभाषित करने का विस्तृत हलफनामा तलब
पैसे, विस्तारFollow Usरविवार को सर्दी के इस सीजन में पहली बार छतरपुर शहर कोहरे की आगोश में समाया। सुबह करीब 9 बजे तक सड़कों पर घना कोहरा रहा, जिसके चलते वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी बीच छतरपुर पुलिस ने घने कोहरे के कारण संभावित दुर्घटनाओं और असुविधाओं से बचने के लिए, छतरपुर पुलिस अधीक्षक द्वारा वाहन चालकों और आम जनमानस की सुरक्षा हेतु एक विस्तृत एडवाइजरी भी जारी की।
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बाUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:15 PM IST
विस्तारFollow Usरामलीला मंचन में पूनम पांडे का मंदोदरी पात्र एक बड़े विवाद की वजह बन गया है। दिल्ली की प्रसिद्ध लव-कुश राम लीला में इस बार आयोजकों ने पूनम पांडे के लिए मंदोदरी का किरदार तय किया है। इसको लेकर संत समाज में काफी विरोध हो रहा है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के विरोध के बाद अब मध्य प्रदेश के कंप्यूटर बाबा ने इसकी कड़ी आलोचना की है। उन्होंने रामलीला अध्यक्ष की सोंच पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूनम पांडे को मंदोदरी के बजाय सूर्पनखा का किरदार सौंपा जाना चाहिए।
अतिरिक्त कूपन, T20 WCसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालWest Bengalबीवी ने मरवा डाला पतिकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरयूपीBihar Newsप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालविकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद
कैश इनाम राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष, बिहार के भूतपूर्व मुख्यमंत्री और देश के भूतपूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव परेशान हैं। दुखी हैं। चौतरफा परेशानी में हैं। हमेशा 'फैमिली मैन' रहे लालू प्रसाद यादव परिवार के कारण ही परेशान हैं। एक तो बेटे को मुख्यमंत्री बनाने की हसरत पूरी नहीं हुई और दूसरी तरफ पार्टी की करारी हार के साथ परिवार में उपद्रव मच गया। खुद बड़े बेटे को दूर किया था, अब छोटा बेटा दूर-दूर कर विदेश यात्रा पर निकल गया। रही-सही कसर किडनी दान कर जीवन बचाने वाली बेटी रोहिणी आचार्य की बातें टीस दे रहीं। करें तो क्या? राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष की परेशानी सिर्फ दूर से दिखने वाली ही नहीं, अंदर से समझने वाली भी है। हर एंगल को समझा रही है यह स्टोरी।
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:49 PM IST
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