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💢डिस्काउंट डिपॉजिट💢संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)Published by:अंकेश ठाकुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:52 PM IST
️प्लेटिनम ईज़ी,अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:Digvijay SinghUpdated Mon, 24 Nov 2025 03:04 PM IST
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राजस्थान की लोक परंपराएं अपने संवेदनात्मक जुड़ाव और पारिवारिक स्नेह के लिए जानी जाती हैं। इन्हीं परंपराओं में से एक है ‘मायरा’, जिसमें भाई अपनी बहन के बच्चों की शादी में प्रेम, आदर और समर्पण के भाव से उपहार, वस्त्र और धन लेकर पहुंचते हैं। इस परंपरा की झलक बीकानेर जिले के नोखा क्षेत्र के सीनियाला गांव में देखने को मिली, जहां भाइयों ने मायरे में ऐसा योगदान दिया कि यह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
रिसीव कलेक्ट, सारमहाराष्ट्र के आमगांव में श्रीराम कथा के दौरान बागेश्वर महाराज ने कहा कि कथा से प्राप्त धन से मंदिर नहीं बल्कि अस्पताल बनाए जाते हैं, ताकि गरीबों को इलाज के बहाने धर्मांतरण न झेलना पड़े। उन्होंने मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने और चढ़ावे का उपयोग सेवा व गरीब हिंदू बेटियों के लिए करने की मांग की।
पैसे लोहाघाट के ग्रामपंचायत पाटन पाटनी के कनेड़ा प्रेमनगर तोक में हर घर जल योजना में हो रही देरी पर
जिला अस्पताल में दवा लेने के लिए लगी मरीजों की लाइन। संवाद- फोटो : reasi news
विथड्रॉ कलेक्ट, छात्र की हॉस्टल की छत से गिरकर मौत- फोटो : अमर उजाला







