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️बोनस साइन अप,बलरामपुर के महदेइया बाजार में बैठक कर तैयारियों पर चर्चा करते लोग ।-स्रोत : आयोजक
आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राएं और कॉलेज में लगे हुए पोस्टर
अर्न, Donald TrumpBharat RatnaUPIran UnrestIND vs NZNew ZealandJ&Kराज ने बताया क्यों उद्धव के साथ आए?दिल्ली-NCR में पड़ रही हाड़ कांपने वाली ठंडSchool Closed
खुदरा महंगाई दर में उछालबजट 1 या 2 फरवरी को'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'IND vs NZसीएम रेखा का बयानअंबरनाथ नगर परिषदIndia-US Tiesपीएम मोदी कार डिप्लोमेसीयूपीविवेकानंद यूथ अवॉर्ड
सारअरैल, झूंसी, संगम क्षेत्र में करीब 24 घाटों पर स्नान की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु जिस तरफ से आएंगे, उसी के नजदीक घाट पर स्नान कराने की तैयारी की जा रही है। 2024 में मकर संक्रांति पर करीब 29 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया था।
विस्तारFollow Usछत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के भटगांव थाना के सामने छत्तीसगढ़ किसान सभा और आदिवासी एकता महासभा ने संयुक्त रूप से एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम नायब तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए आदिवासियों और किसानों की विभिन्न मांगों को पूरा करने की मांग की।
इनवाइट इंस्टेंट, विस्तारFollow Usरामपायली थाना क्षेत्र के ग्राम सालेबर्डी में रविवार सुबह तालाब से जेठ-बहू के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान प्रकाश रहांगडाले (45) और उनकी बहू सीमा रहांगडाले (37) के रूप में हुई है। दोनों शनिवार से ही घर से लापता थे और परिजन उनकी तलाश करने में जुटे थे।
शेयर ईज़ी बाराबंकी। लापरवाही और तेज रफ्तार ने रविवार को जिले में दो जिंदगियां छीन लीं। अलग-अलग हादसों में एक पीएसीकर्मी के नाबालिग बेटे की मौत हो गई, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए हादसे में रोलर चालक ने दम तोड़ दिया।
अयोध्या। सिविल लाइन स्थित गांधी पार्क में कांग्रेस पार्टी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) से राष्ट्र पिता महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने के विरोध में उपवास रखा। योजना के प्रारूप में किए जा रहे बदलावों के विरोध में एक दिवसीय उपवास रखा गया। जिला अध्यक्ष चेत नारायण सिंह ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की जीवनरेखा है। मनरेगा के प्रारूप में बदलाव और गांधी जी का नाम हटाने की मंशा यह दर्शाती है कि केंद्र सरकार की नीयत और नीति दोनों ही मजदूर-किसान विरोधी हैं।
पुराना कमेंट, विस्तारFollow Usआगामी पंचायत चुनावों को लेकर बानसूर उपखंड में हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में उपखंड प्रशासन ने ग्राम पंचायतों के वार्डों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य सरकार से मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उपखंड अधिकारी अनुराग हरित ने पंचायती राज अधिनियम 1994 के तहत उपखंड की 23 ग्राम पंचायतों में वार्डों के पुनर्गठन का प्रारूप आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। इस घोषणा के बाद पूरे क्षेत्र में चुनावी माहौल बन गया है, क्योंकि नए वार्ड बनने से कई राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। उपखंड अधिकारी अनुराग हरित ने बताया कि वार्डों का नया निर्धारण वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाकर किया गया है। प्रशासन ने कोशिश की है कि वार्डों का बंटवारा पूरी तरह न्यायसंगत हो और सभी वार्डों में जनसंख्या का संतुलन बना रहे।







