रजिस्टर डिपॉजिट
ट्रांसफर कमाई
रजिस्टर गेट, Inc
कलेक्ट सर्वे
💢लॉग इन💢सारBanswara News: 1 नवंबर 1983 को इंदिरा गांधी द्वारा माही नहरों में जलप्रवाह शुरू होने के बाद बांसवाड़ा ने विकास की नई कहानी लिखी। कालापानी कहे जाने वाला यह इलाका आज हराभरा और आत्मनिर्भर बन चुका है, जहां कृषि, ऊर्जा और रोजगार के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया।
️इंस्टेंट,अमर उजाला नेटवर्क, अम्बिकापुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Tue, 09 Dec 2025 05:28 PM IST
प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी श्रावण माह के आखिरी सोमवार चार अगस्त को बाबा बैजनाथ महादेव की शाही सवारी नगर में धूमधाम से निकाली जाएगी। इस सवारी में बडी संख्या में श्रद्धालुजन सम्मिलित होंगे। शाही सवारी के इंतजाम और आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर पहुंच मार्गों की व्यवस्था में कुछ बदलाव किया गया है। यह व्यवस्था सोमवार की देर रात तक इसी तरह से जारी रहेगी।
सुपर रजिस्टर, सारBansur News: बानसूर और हाजीपुर के ऐतिहासिक किले प्रशासनिक उपेक्षा और पुरातत्व विभाग की उदासीनता के कारण खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। 400 साल पुरानी यह गौरवशाली विरासत आज सरकारी अनदेखी के चलते अपना अस्तित्व खो रही है।
कानपुर नगर के सीसामऊ से सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी की गैंगस्टर के तहत दर्ज मुकदमे की कार्रवाई रद्द करने की मांग में दायर अर्जी पर बहस पूरी हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने दिया है। जाजमऊ थाने में दिसंबर 2022 को इरफान पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। ट्रायल कोर्ट की ओर से जारी समन आदेश सहित पूरी कार्रवाई को रद्द करने की मांग में इरफान ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर की थी।
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदाUpdated Fri, 09 Jan 2026 10:57 PM IST
संवाद न्यूज एजेंसी, आगराUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:58 AM IST
कैश, बलरामपुर के जिला कारागार में मिट्टी के बर्तन बनाते बंदी ।-स्रोत: विभाग
फ्रेंड्स शासन के आदेश के बावजूद जिले के सीएचसी, पीएचसी और आरोग्य मंदिरों में ऑनलाइन ओपीडी पर्ची मरीजाें को नहीं मिल रही है। ऑफलाइन पर्ची बनाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। जबकि सीएमओ ने दिसंबर में दावा किया था कि जनवरी से सरकारी अस्पतालों में ऑनलाइन ओपीडी पर्ची दी जाएगी।
बांदा। विकास खंड बडोखर की ग्राम पंचायत दुरेडी में मनरेगा के तहत कैटल शेड निर्माण के नाम पर सरकारी धन के गबन का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना निर्माण कार्य कराए ही करीब डेढ़ लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। इस अनियमितता के उजागर होने के बाद उपायुक्त श्रमारोजगार ने ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और ग्राम रोजगार सेवक से स्पष्टीकरण मांगा है।
डायमंड टास्क, Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal







