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💢टास्क लॉग इन💢संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ाUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:50 PM IST
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बागेश्वर। दफौट मार्ग पर बीते दिसंबर माह में हुई ऑल्टो कार दुर्घटना के कारणों की अब मजिस्ट्रियल जांच होगी। डीएम आकांक्षा कोंडे ने इस हादसे की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी एसडीएम सदर प्रियंका रानी को सौंपी गई है।
अर्न विन, मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकलकर राजस्थान के रामगढ़ क्रेटर क्षेत्र में पहुंचे चीते केपी-2 ने सात दिन तक यहां रुकने के बाद एक बार फिर मध्यप्रदेश की ओर मूवमेंट शुरू किया था, लेकिन अब वह दोबारा रामगढ़ क्षेत्र में लौट आया है। कूनो पार्क और बारां वन विभाग की संयुक्त टीमें उसकी 24 घंटे निगरानी कर रही हैं। फिलहाल उसे ट्रैंक्युलाइज कर वापस कूनो ले जाने की कोई योजना नहीं है।
आगरा। नगर निगम कार्यकारिणी समिति की बैठक में सदस्यों ने सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। हर वार्ड में पार्षद को 10-10 सफाई कर्मचारी न देने का मुद्दा उठाया गया, जिस पर तय हुआ कि मुख्य मार्गाें के साथ गली मोहल्लों की सफाई व्यवस्था में सुधार किया जाएगा, वहीं छावनी क्षेत्र में सीवर लाइन बिछाने के लिए लीज पर जमीन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मेट्रो को नगर निगम की भूमि हस्तांतरित करने पर सशर्त मुहर लगाई गई।
अंबाला। प्राचीन बब्याल गद्दी, श्री गोगा मंदिर दलीप गढ़ में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। मंदिर में गुरु गोरखनाथ जी को समर्पित खिचड़ी वितरण की 52 साल पुरानी परंपरा को निभाते हुए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। योगी दिनेश नाथ ने बताया कि इस बार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश और एकादशी तिथि के संयोग के कारण यह पर्व 15 जनवरी, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस परंपरा का इतिहास दिलचस्प है। मंदिर के योगी दिनेश नाथ ने बताया कि वर्ष 1973 में स्वर्गीय योगी शमशेरनाथ ने एक छोटी सी कड़ाही में खिचड़ी बनाकर बांटने की शुरुआत की थी, देखते ही देखते यह परंपरा विशाल रूप ले चुकी है। अब हर साल मकर संक्रांति पर लगभग ढाई क्विंटल देसी घी की खिचड़ी तैयार कर सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं में वितरित की जाती है।
फ्री गेट, अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Tue, 04 Nov 2025 03:02 PM IST
सब्सक्राइब पॉइंट्स अमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
अमर उजाला नेटवर्क, अम्बिकापुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Sat, 27 Dec 2025 06:39 PM IST
गेट, कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त







