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💢गोल्ड कमेंट💢नारायणगढ़। राजकीय महाविद्यालय में 164वीं स्वामी विवेकानंद जयंती और राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में स्वदेशी संकल्प दौड़ व स्वदेशी संकल्प सभा आयोजित की गई। स्वदेशी संकल्प दौड़ का शुभारंभ प्राचार्य रोहित कुमार ने झंडी दिखाकर किया। महाविद्यालय प्राचार्य ने स्वामी विवेकानंद की जयंती के महत्व के बारे में बताया। इस मौके पर एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. सतीश कुमार एवं महाविद्यालय के सभी टीचिंग और नॉन-टीचिंग सदस्य उपस्थित रहे।
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विस्तारFollow Usराजस्थान के औद्योगिक हब भिवाड़ी में सुरक्षा एजेंसियों ने नशीली दवाओं के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। रविवार को गुजरात एटीएस, राजस्थान एसओजी और भिवाड़ी पुलिस की संयुक्त टीम ने कहरानी औद्योगिक क्षेत्र में गुप्त अभियान चलाकर 'एपीएल फार्मकिम' नामक फैक्ट्री पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान करीब 22 किलोग्राम प्रतिबंधित केमिकल बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 32.56 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
इनवाइट कूपन, विस्तारFollow Usआजमगढ़ शहर कोतवाली क्षेत्र के लालडिग्गी तिराहे स्थित मनोज कन्हैया मोबाइल दुकान में 7 जनवरी की रात हुई चोरी का कोतवाली पुलिस ने महज छह घंटे में खुलासा कर दिया। चौंकाने वाली बात यह कि चोरी की साजिश दुकान में पिछले 20 वर्षों से कार्यरत कर्मचारी अजय कुमार सिंह ने ही रची थी।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:44 AM IST
प्रीमियम वीडियो, सारभिवाड़ी के कहरानी औद्योगिक क्षेत्र में गुजरात एटीएस, राजस्थान एसओजी और भिवाड़ी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का खुलासा हुआ है। छापेमारी में 22 किलो प्रतिबंधित केमिकल बरामद कर तीन केमिकल इंजीनियरों को गिरफ्तार किया गया है।
विशेष लॉग इन फोटो-32-बाइक पर चार बैठे लोग, वाहन का चालान करती टीम। स्रोत: परिवहन विभाग
जिले के मुंगावली, बहादुरपुर और आसपास के क्षेत्रों के 36 बंधक मजदूरों को महाराष्ट्र से मुक्त करा लिया गया है। स्थानीय पुलिस महाराष्ट्र पहुंचकर स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इन सभी मजदूरों को वापस लेकर आई। ये मजदूर महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के बासी थाना क्षेत्र के गिरोली गांव में बंधक बनाए गए थे। वहां उन्हें न तो मजदूरी का भुगतान किया जा रहा था और न ही उन्हें अपने घर लौटने दिया जा रहा था। उन्हें अपने परिजनों से भी बात करने की अनुमति नहीं थी।
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